इंसानी हड्डियों से सजा चर्च
- फोटो : सोशल मीडिया
यह चर्च आज से करीब 150 साल पहले यानी 1870 में बना है। दरअसल, इंसानी हड्डियों से इस चर्च को सजाने के पीछे एक बेहद ही रहस्यमय वजह है। सन् 1278 में बोहेमिया के राजा ओट्टोकर द्वितीय ने हेनरी नाम के एक संत को ईसाईयों की पवित्र भूमि यरुशलम भेजा था। दरअसल, यरुशलम को ईसा मसीह की कर्मभूमि कहा जाता है। यहीं पर उन्हें सूली पर भी चढ़ाया गया था।