आमतौर पर इंसान तो जमीन पर ही अपना घर बनाकर निवास करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसी भी जनजाति है, जिन्होंने 1300 साल से जमीन पर अपना पैर ही नहीं रखा है। इसकी वजह जानेंगे तो आप हैरान हो जाएंगे।
विज्ञापन
2 of 7
टांका समुदाय
- फोटो : Social media
इस जनजाति का नाम है टांका, जो चीन में निवास करती है। यहां के लोग जमीन पर नहीं बल्कि समुद्र में रहना पसंद करते हैं। पानी ही इनकी दुनिया है। टांका जनजाति के करीब 7000 लोगों ने समुद्र में ही तैरता हुआ गांव बसा लिया है।
विज्ञापन
3 of 7
टांका समुदाय
- फोटो : Social media
चीन के दक्षिण पूर्व क्षेत्र में करीब 7000 मछुआरों के परिवार अपने परंपरागत नावों के मकान में रह रहे हैं। ये घर समुद्र पर तैर रहे हैं। इन विचित्र घरों की एक पूरी बस्ती है। समुद्री मछुआरों की यह बस्ती फुजियान राज्य के दक्षिण पूर्व की निंगडे सिटी के पास समुद्र में तैर रही है। इन्हें 'जिप्सीज ऑफ द सी' कहा जाता है।
4 of 7
टांका समुदाय
- फोटो : Social media
दरअसल, चीन में 700 ईस्वी में तांग राजवंश का शासन था। उस समय टांका जनजाति समूह के लोग युद्ध से बचने के लिए समुद्र में अपनी नावों में रहने लगे थे। तभी से इन्हें 'जिप्सीज ऑफ द सी' कहा जाने लगा। ये लोग शायद ही कभी जमीन पर पैर रखते हैं।
विज्ञापन
5 of 7
टांका समुदाय
- फोटो : Social media
कहते हैं कि चीन में सदियों पहले टांका जनजाति के लोग वहां के शासकों के उत्पीड़न से इतने नाराज हुए कि उन्होंने समुद्र पर ही रहना तय कर लिया। करीब 700 ईस्वी से लेकर अब तक ये लोग समुद्र में बनाए घरों में ही रह रहे हैं।
विज्ञापन
6 of 7
टांका समुदाय
- फोटो : Social media
टांका जनजाति के लोगों का पूरा जीवन पानी के घरों और मछलियों के शिकार में ही बीत जाता है। चीन में कम्युनिस्ट शासन की स्थापना होने तक ये लोग न तो किनारे पर आते थे और न ही समुद्र किनारे बसे लोगों के साथ शादी के रिश्ते बनाते थे। इनकी शादियां अभी भी नावों पर ही होती हैं।
हालांकि स्थानीय सरकार द्वारा प्रोत्साहन मिलने के बाद टांका जनजाति के कुछ लोग समुद्र किनारे घर जरूर बनाने लगे हैं, लेकिन अधिकांश लोग अभी भी अपने परंपरागत तैरते हुए घरों में ही रहना पसंद करते हैं।