गुरुवार (28 फरवरी) को शुरू होने वाले इस कार्निवल को पश्चिम जर्मनी में 'महिला दिवस' के नाम से भी जाना जाता है। पश्चिम जर्मनी में इस कार्निवाल की पौराणिक कथाओं के मुताबिक, धोबी महिलाओं द्वारा 1824 के एक विद्रोह की याद में, महिलाएं शहर के हॉल में घुस जाती हैं, पुरुषों की टाइयों को काट देती हैं और उन्हें उनके रास्ते से गुजरने वाले किसी भी आदमी का चुंबन लेने की अनुमति होती है।