फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुनिया में यहां है ये रहस्यमयी चट्टान, हर 30 साल बाद देती है अंडे, वैज्ञानिक भी हुए हैरान

Tue, 30 Apr 2019 12:30 PM IST
Ayush Jha फीचर टीम, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 6
अंडा देने वाला चट्टान
दुनिया अजब-गजब तरह की चीजों से भरी पड़ी है। हम सभी जानते हैं कि ये दुनिया है अजीब चीजों से भरी है, जिसके बारे में हमको भी नहीं पता होता है। आपने अभी तक पक्षियों या जानवरों  को अंडे देते हुए देखा या सुना होगा, मगर क्या आपने कभी सपने में भी यह सोचा होगा कि कोई पहाड़ की चट्टान भी अंडे दे सकती है।
 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
अंडा देने वाला चट्टान
बता दें, चीन दुनिया का एक ऐसा देश है, जो अपनी अद्भुत चीजों के लिए दुनिया में पहचान रखता है। यहां हर गली में कुछ न कुछ अजीब चीजें देखने को मिल जाती है। हर एक देश में कुछ चीजें ऐसी होती हैं जो किसी भी देश से मेल नहीं खातीं। ऐसे ही चीन से एक अजीब चीज के बारे में पता चला है जो आपको हैरान करने के लिए काफी है।
विज्ञापन

3 of 6
प्रतिकात्मक तस्वीर
चीन के दक्षिण-पश्चिम के गिझोउ प्रांत में स्थित है। इस चट्टान की ऊंचाई करीब 20 मीटर और लंबाई 6 मीटर है। इस चट्टान को चीन में ‘चन दन या‘ के नाम से जाना जाता है। इस चट्टान का रंग काला है और यह हर 30 साल में अंडे के आकार के पत्थर गिराती है।

4 of 6
अंडा देने वाला चट्टान
बता दें अपनी इस बात को लेकर यह देश आज पूरे विश्व में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। ये चिकने अंडे पहले तो एक कवच में होते हैं और चट्टान इनको सेती है लेकिन कुछ दिन बाद ये अंडे सतह पर गिर जाते हैं। इस चट्टान ने बड़े-बड़े वैज्ञानिकों का भी दिमाग हिलाकर रख दिया है.
विज्ञापन

5 of 6
अंडा देने वाली चट्टाने
इस चट्टान का नाम ‘चन दन या’ है। हिन्दी में इसका मतलब है अंडा देने वाला पत्थर, इन पत्थरों से निकले अंडों को स्थानीय लोग खुशी का प्रतीक मानते हैं। ये अंडे जब जमीन पर गिरते हैं तो गांव वाले इन्हें अपने घर ले जाते है। ये एक काली और ठंडी चट्टान है, जो कई क्षेत्रों में आमतौर पर मिल जाती है। लेकिन इसके अंडे देने की खबर, आज समस्त विश्व में एक चर्चा का केंद्र बनी है। साथ ही इन चट्टानो का बदलता रूप वैज्ञानिकों को भी परेशान कर रखा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
अंडा देने वाली चट्टाने
भू-वैज्ञानिकों की मानें तो ये चट्टान 500 मिलियन साल पहले की है। इस चट्टान को वैज्ञानिको ने कैंब्रियन समय का माना है। इन पत्थरों को गंडा पहाड़ के खास हिस्से से बनी थी। विशेषज्ञों के अनुसार मौसम और पर्यावरण में समय-समय पर बदलाव होने के कारण इन चट्टानों को भी कभी उच्च तापमान तो कभी बेहद ठंडा मौसम झेलना पड़ता है, जिस कारण इनकी संरचना और तत्वों में  बदलाव को देखा जा सकता है। यही वजह है कि इस पत्थर कई तरह की आकृति उभर आती हैं. हालांकि,अभी इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि इस चट्टान पर ये एकदम अंडाकार और चिकनी आकृतियां कैसे बनती हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें