रामायण के मुताबिक, शूर्पणखा अपने भाई रावण का इसलिए विनाश चाहती थी, क्योंकि रावण ने उसके पति का वध किया था। दरअसल, शूर्पणखा के पति का नाम विद्युतजिव्ह था। वो कालकेय नाम के राजा का सेनापति था। रावण जब विश्व विजय पर निकला तो कालकेय से उसका सामना हुआ। इस युद्ध के दौरान उसका सामना शूर्पणखा के पति से भी हुआ था, जिसमें रावण ने उसका वध कर दिया था। तब शूर्पणखा ने मन ही मन रावण को श्राप दिया था कि मेरे ही कारण तेरा सर्वनाश होगा।