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World's Deepest Crater: वैज्ञानिकों ने खोजा पाताल का रास्ता! पांच सौ किमी से भी चौड़ा है दरवाजा

Tue, 15 Aug 2023 02:09 PM IST
ज्योति मेहरा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Asteroid - फोटो : iStock
Worlds Deepest Crater: हमारी दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं, जिनके बारे में लोग आज भी नहीं जानते हैं। कई ऐसे रहस्य भी हैं जिन पर से आज भी पर्दा नहीं उठाया जा सका है, लेकिन वैज्ञानिक इन रहस्यों को सुलझाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको दुनिया में मौजूद एक ऐसे रहस्य के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में जानकर आप भी सोच में पड़ जाएंगे। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया के कुछ वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक हैरान करने वाला दावा किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि समुद्र के नीचे एक ऐसा गड्ढा है, जो अब तक धरती पर मिले किसी भी गड्ढे से बेहद बड़ा है। माना जा रहा है कि इस गड्ढे के पीछे के वजह दूसरे ग्रह से या स्पेस से गिरा उल्कापिंड है। सोचने वाली बात ये है कि अगर इस चट्टान ने समुद्र के एक दम तली में ऐसा गड्ढा बना डाला तो, अगर ये जमीन पर गिरा होता तो अंजाम क्या होता?
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पृथ्वी के बेहद नजदीक से गुजरेगा विशालकाय एस्टेरॉयड - फोटो : iStock
आपको जानकर हैरानी होगी कि इस रहस्यों से भरे गड्ढे की चौड़ाई 323 मील से भी अधिक है। हालांकि, वैज्ञानिकों ने इसको लेकर अभी जांच नहीं की है। केवल इसकी तस्वीरों को देखकर ही वैज्ञानिकों ने ये दावा किया है।
 
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यह एस्टेरॉयड ला सकता तबाही - फोटो : iStock
समुद्र के बिलकुल तली में स्थित इस गड्ढे को लेकर वैज्ञानिकों के इस दावे के बाद अब इसे दुनिया का सबसे बड़ा क्रेटर माना जा रहा है। एक्सपर्ट एंड्रयू फिल्कसन और टोनी यीट्स ने इस बात का खुलासा किया कि, ये क्रेटर न्यू साउथ वेल्स, ऑस्ट्रेलिया में मौजूद है, जिसका नाम Deniliquin रखा गया है। 

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95 foot Asteroid coming towards earth - फोटो : iStock
Deniliquin की चौड़ाई लगभग 323 मील (500 किलोमीटर) से भी ज्यादा है। आपको बता दें कि इससे पहले दुनिया का सबसे बड़ा क्रेटर साउथ अफ्रीका में पाया गया था, जो करीब 186 मील चौड़ा था। ऐसे में देखा जाए तो नया क्रेटर पुराने का दो गुना है।
 
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फरवरी में तबाह हो सकती है दुनिया! - फोटो : Pixabay
Deniliquin को लेकर वैज्ञानिकों का मानना है कि इसकी संरचना आज नहीं, बल्कि लगभग 445 मिलियन साल से भी पहले हुई थी। आकाश से गिरे किसी विशाल उल्कापिंड ने उस समय समुद्र के अंदर ये विशाल छेद बना दिया होगा और क्योंकि ये समुद्र के नीचे है इसलिए आज तक इसके बारे में किसी को पता ही नहीं था। 
 
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