महीने के वो दिन हर लड़की और औरत के लिए भारी होते हैं। खून का बहना, पेडू का दर्द और चिड़चिड़ापन। लेकिन जरा सोचिए इस लड़की के बारे में जिसे हालत पांच सालों तक देखना पड़ा, हर दिन।
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पीरियड्स
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पीरियड्स आम तौर पर महिलाओं को हर महीने में तीन से एक हफ्ते तक चलता है। इन दिन उन्हें काफी कमजोरी भी महसूस होती है। इस लड़की ने ये कमजोरी पांच सालों तक महसूस की है। वजह है एक दुर्लभ मेडिकल परिस्थिति।
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इस मेडिकल कंडिशन का नाम वॉन विलेब्रांड है। इस बीमारी में शरीर के अंदर खून के थक्के बनने की क्षमता खत्म हो जाती है। इस वजह से खून बाहर निकलने की जगह ढूंढ़ता है। 27 साल की क्लो क्रिस्टॉस को जब पहली बार पीरियड्स हुए,फिर रूकने का नाम ही नहीं लिए।
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ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में रहने वाली क्लो को डॉक्टरों ने इस अवस्था के बारे में बताया। क्लो कितना भी जतन करतीं, फिर भी उनकी थकान और खनू का फ्लो नहीं रूकता। हर दो दिन में आधे लीटर तक खून खो देने की वजह से उन्होंने एक सिंथेटिक ड्रग ट्राई किया। लेकिन इससे उन्हें और साइड इवेक्ट्स को झेलना पड़ा।
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इस मेडिकल कंडिशन का इलाज उन्हें पांच सालों बाद एडिलेड में मिला। इस कंडिशन को ठीक करने के लिए डॉक्टरों ने उन्हें हीमोफीलिया से ग्रसित पुरुषों की तरह इलाज करना चालू किया। हीमोफीलिया मर्दों में वो बीमारी होती है जिससे पीड़ित होने के बाद उनके बॉडी में खून के थक्के बनते नहीं।
इस रोकने के लिए उनका इलाज किया जाता है। क्लो को ये इलाज सूट कर गया। अब वो कहानी से लाखों औरतों को बताना चाहती हैं कि ऐसा भी कोई मेडिकल कंडिशन है जिसके बारे में जागरूकता जरूरी है।