अगर हम आपसे कहें कि अब बिना बिजली और बैटरी के भी बल्ब जल सकता है तो आपको ये बात सुनकर हैरानी होगी। लेकिन ऐसा हो गया है। देश में एक ऐसा ही एक जुगाड़ बल्ब तैयार किया गया है जो बड़े काम का है।
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इसकी खासियत के बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। दरअसल, इस बल्ब को जलाने के लिए बिजली की जरूरत ही नहीं पड़ती। इसका नाम है जुगाड़ बल्ब। जहां बिजली या संसाधनों की कमी है उन स्थानों के लिए ये बल्ब बड़े काम का है।
बता दें देश में कई दूरदराज के इलाकों में आज भी बिजली का कोई बंदोबस्त नहीं है। ऐसी जगहों पर लोग अपने घरों को इस जुगाड़ बल्ब से रोशन कर सकते हैं। सबसे बड़ी बात इसे बनाने के आपके ज्यादा पैसे भी नहीं लगेंगे। अगली स्लाइड में जानिए कैसे बनता है ये 'जुगाड़ बल्ब'...
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जानिए कैसे बनेगा जुगाड़ बल्ब
जुगाड़ बल्ब बनाने के लिए एक खाली बोतल में पानी और ब्लीच पाउडर की जरुरत पड़ती है। बोतल में भरा पानी सूरज के प्रकाश को रिफलेक्ट कर कमरे को पूरी तरह रोशन करता है। यह आइडिया पर्यावरण संरक्षण की राह को भी आसान करता है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक देहरादून के 12वीं कक्षा के एक छात्र तेजित पबारी ने इस अध्ययन से ये अविष्कार किया और वे इसमें सफल रहे हैं।
उनके इस शोध के बारे में अंतरराष्ट्रीय जर्नल में 'ए स्टडी ऑन द सोलर एल्यूमिनेशन प्रोवाइडेड बाय ए वाटर बॉटल्स' नाम से रिपोर्ट छप चुकी है।
अपने इस अविष्कार के चलते वह गूगल साइंस फेयर 2016 में रीजनल फाइनलिस्ट बनने के साथ ही दुनिया में टॉप 100 की सूची में भी शामिल हो चुके हैं।