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खुदाई ने खोले कुछ ऐसे राज जो बदल देंगे मानव इतिहास!

Wed, 14 Jun 2017 03:46 PM IST
amarujala.com presented by: श्वेता पांडेय
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मानव इतिहास को दोबारा लिखना पड़ेगा। चौंकिये नहीं। भाई हम तो वही कह रहे हैं जो मोरक्को के पुरातत्विद कह रहे हैं। नेचर पत्रिका में हाल ही में छपी इनकी एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मानव इतिहास तीन लाख साल से भी ज्यादा पुराना है। इस रिपोर्ट ने पुरातत्विदों के बीच हलचल मचा दी है। क्योंकि अभी तक के शोध तो यही कहते थे कि मानव इतिहास लगभग दो लाख साल पुराना है।

इतिहास का एक लाख साल पीछे जाना अब हलचल तो मचायेगा ही न! यहां के एक पुरातात्विक भूभाग पर शोधकर्ताओं को खोपड़ी, चेहरे और जबड़े की हड्डियां मिली हैं। ये अवशेष 315,000 साल पुराने हैं।
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अभी तक हुए शोध के अनुसार मानव जाति का इतिहास करीब दो लाख साल ही पुराना माना जाता था। लेकिन विज्ञान की नेचर पत्रिका के जून अंक में छपी इस रिपोर्ट ने एक बहस खड़ी कर दी है। दुनियाभर के पुरातत्विद इस शोध के गहन अध्ययन में जुट गये हैं।  
इस शोध को करने वाली टीम के प्रमुख जैक्विस खुद भी कहते हैं, हां ये वाकई मानव जाति के इतिहास को बदलने वाली घटना है। शोध टीम के प्रमुख जीन जैक्विस हुबलिन ने बताया ‘मानव जाति के इतिहास में ये एक बड़ी घटना है।
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अभी कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता लेकिन एक लाख साल पीछे जाने का मतब है कि कुछ और खास बातें मानव इतिहास के बारे में सामने आयेंगी। मैं ऐसा नही कहता कि सबकुछ बदल जायेगा। मगह हां, इतिहास में कुछ तो बदलेगा।’ जैक्विस हुबलिन अभी मैक्स प्लैंक यूनिवर्सिटी में डायरेक्टर हैं।

एक दशक तक करना पड़ा था इंतजार पुरातत्विद जीन जैक्विस हुबलिन ने तो 1990 में ही इस पुरातत्व साइट को खोदने का मन बना लिया था। लेकिन उस वक्त पैसा और समय दोनों की कमी ने जैक्विस के हाथ रोक दिये थे।

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2004 में जब वह मैक्स प्लैंक यूनिर्विसटी के डायरेक्टर बने तो सबसे पहले उन्होंने इस प्रोजेक्ट काम करना शुरू किया। और आज वह इतिहास को बदलने वाली एक खोज को सामने लाने में कामयाब हो गये।
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डायरेक्ट-डेटिंग से एक लाख पीछे खिसका हमारा इतिहास सदर्न क्रॉस यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने डायरेक्ट डेटिंग की अत्याधुनिक प्रक्रिया को अंजाम दिया। पुरातत्व विज्ञान में जंतुओं और पौधों के अवशेषों का जीवन काल पता लगाने के लिये इस प्रक्रिया का इस्तेमाल होता है।
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