एचआईवी के वायरस को खत्म करने के लिए अलग-अलग देशों में लंबे समय से शोध जारी हैं लेकिन अभी तक इस बीमारी का जड़ से इलाज करने के लिए कोई हल नहीं तलाशा जा सका है। एचआईवी के इलाज के लिए केवल महंगी दवाओं का सहारा लिया जाता रहा है।
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ऐसे में गरीब लोगों के लिए इन दवाओं को खरीद पाना संभव नहीं होता। लेकिन अब अमेरिका के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा रास्ता निकाला है जिसकी मदद से भविष्य में एचआइवी के वायरस खत्म करने के लिए महंगी दवाओं का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।
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जी हां, एक शोध में एचआईवी के वायरस को खत्म करने की दिशा में एक थेरेपी का इस्तेमाल किया गया है जिसे बंदरों पर आजमाया गया। इस परीक्षण में शोधकर्ताओं ने बगैर किसी अन्य इलाज व दवाओं के मात्र छह महीने में बंदरों में पनप रहे एचआईवी को खत्म कर दिया।
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यह थेरेपी एक साथ एचआईवी के ढेर सारे वायरसों को खत्म करने में सक्षम है। इसके उपचार से एचआईवी के घातक वायरस पनपने बंद हो जाते हैं। बंदरों में एचआईवी के वायरस को खत्म करने की सफलता मिलने के बाद माना जा रहा है कि इसकी मदद से एचआईवी से जूझ रहे लोगों को भी कुछ राहत मिल सकती है।
इसके लिए किसी अन्य दवा की जरूरत नहीं पड़ती। यह एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी की तरह काम करती है। जिन दवाओं से एचआईवी का इलाज किया जाता है, उन्हें एंटीरेट्रोवायरल मेडिसिन कहा जाता है।