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खुलने वाले हैं मंगल ग्रह के कई रहस्य, भूकंप आने से पहले ऐसे देगा संकेत

Tue, 08 May 2018 08:04 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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नासा ने मंगल का दिल पढ़ने के लिए मिशन पर इनसाइट अंतरिक्ष यान लांच कर दिया है। इस मिशन से उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही लाल ग्रह के कई अहम राज खुलेंगे। यह यान नासा ने शनिवार को ही लांच किया है। इसे लाल ग्रह तक पहुंचने में छह महीने लगेंगे। इसके आगे यान क्या करने वाला है जानिए इस खास रिपोर्ट में...
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गौरतलब हो यान मंगल की जमीन की भीतरी सतह यानी लाल ग्रह के दिल की जांच करने वाला है। इस यान को इनसाइट (इंटीरियर एक्प्लोरेशन यूजिंग साइस्मिक इनवेस्टिगेशन जीयोडसी एंड हीट ट्रांसपोर्ट) का नाम दिया गया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि ये मिशन कामयाब रहता है तो इससे मंगल ग्रह से जुड़े कई सारे रहस्यों से पर्दा उठ सकेगा। अंतरिक्ष यान कैलिफोर्निया के वांडेनबर्ग वायुसेना अड्डे से स्थानीय समयानुसार सुबह 4.05 बजे (भारतीय समयानुसार शाम पांच बजे) एटलस वी. रॉकेट से लांच किया गया।
 
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नासा के सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि लांच किए जाने से पहले धुंध ही एकमात्र चिंता की बात थी। मौसम ठीक होते ही लांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई। नासा के एक सुरक्षा अधिकारी ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, ‘मंगल की सतह के नीचे क्रस्ट, मैटल और कोर की जानकारी हासिल करने की उम्मीद से उत्साहित हूं।’
इनसाइट मंगल की गहरी आंतरिक संरचना का अध्ययन करेगी। इससे पृथ्वी और चंद्रमा समेत सभी चट्टानी खगोलीय पिंडों के निर्माण के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी हासिल की जा सके। इसके साथ ही यह भी जांच करना संभव होगा कि ग्रह के आंतरिक भाग से कितनी गर्मी का प्रवाह हो रहा है।

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लाल ग्रह की भूमध्य रेखा के पास दिन का ग्रीष्मकालीन तापमान 70 डिग्री फोरेनहाइट (20 डिग्री सेल्सियस) तक पहुंच सकता है, लेकिन फिर रात से -100 फोरेनहाइट (-73 सेल्सियस) तक पहुंच जाता है। यान 15 से 16 फुट की गहराई तक जांच करेगा। यह नासा के पिछले मिशनों की तुलना में 15 गुना ज्यादा गहरा है।
 
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red planet - फोटो : Mars One
इनसाइट मार्स लैंडर का वजन 630 किलो बताया जाता है। इस मिशन पर 6454 करोड़ रुपये का खर्च आया है। 26 नवंबर से यान काम करना शुरू कर देगा। मिशन के जरिए भूकंपों की जांच का मौका मिलेगा। इससे पहले 2012 में क्यूरियोसिटी लांच हुआ था। 
 
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