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इस तारे की रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने में लगे नौ अरब साल, वैज्ञानिकों ने यूं खोज निकाला

Thu, 05 Apr 2018 08:20 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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आसमान में कितने तारें है इसका जवाब किसी के पास नहीं लेकिन इन तारों में सबसे दूर कौनसा तारा है इसका जवाब वैज्ञानिकों के पास है। जहां तक तकनीक उन्हें लेकर गई है फिलहाल यह खोज भी वहीं तक पहुंच पाई है। जी हां नासा ने हाल ही में सबसे दूरस्थ तारे की खोज की है। चलिए जानते हैं इसके बारे में...
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planet
जी हां, नासा की हबल अंतरिक्ष दूरबीन ने अभी तक का सबसे सुदूरवर्ती तारा खोजा है। ब्रह्मांड के बीच में स्थित नीले रंग के इस विशाल तारे का नाम इकारस है। यह तारा इतना दूर है कि इसकी रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने में नौ अरब साल लग गए।
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University of California at Berkeley
दुनिया की सबसे बड़ी दूरबीन से भी यह तारा बहुत धुंधला दिखाई देगा। हालांकि ग्रेवीटेशनल लेनसिंग प्रक्रिया की मदद से तारों की धुंधली चमक को तेज किया जा सकता है। इससे खगोलविद दूर के तारे को भी देख सकते हैं।
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Galaxy
बर्केले में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया मेंइस शोध का नेतृत्व करने वाले पैट्रिक केली ने कहा, ‘यह पहली बार है कि जब हमने एक विशाल और अपनी तरह का अकेला तारा देखा है।’ केली ने कहा कि आप वहां पर कई आकाशगंगाओं को देख सकते हैं लेकिन यह तारा उस तारे से कम से कम 100 गुना दूर स्थित है जिसका हम अध्ययन कर सकते हैं।’
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