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470 लीटर 'मां का दूध' दान कर चुकी है यह महिला, आखिर कैसे मुमकिन है ये?

Wed, 29 Aug 2018 05:25 PM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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Tabitha Frost
नई माओं के लिए स्तनपान चुनौती से कम नहीं। कुछ महिलाओं की छाती में जरूरत से कम दूध उतरता है जिसकी वजह से उसे मिल्क बैंक की मदद लेनी पड़ती है। वहीं, कई महिलाओं का ब्रेस्ट मिल्क इतना होता है कि उन्हें दान देना पड़ता। कैलिफोर्निया की रहने वाली ताबिथा फ्रॉस्ट की समस्या इससे भी बड़ी है।
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Breastfeeding
तीन बच्चों की मां फ्रॉस्ट अभी तक करीब 470 लीटर ब्रेस्ट मिल्क दान कर चुकी हैं। औसतन हर दिन उनकी छाती में तीन लीटर से ज्यादा दूध उतरा है। यह उनकी आठ महीने की बच्ची की जरूरत से बहुत ज्यादा है। लिहाजा, वह बाकी बचा दूध दान कर देती हैं।
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ब्रेस्टफीडिंग - फोटो : getty images
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
फ्रॉस्ट कहना है कि उसे हर दिन ब्रेस्ट मिल्क निकालना पड़ता है। चाहे वह ट्रिप पर हो या बीमार हो, उसके लिए यह काम फुल-टाइम जॉब की तरह है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा हाइपरलैक्टेशन सिंड्रोम की वजह से होता है। इसकी वजह से औसत से तीन गुना ज्यादा ब्रेस्ट मिल्क बनती है। हालांकि, यह बीमारी दुर्लभ है। 
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ब्रेस्टफीडिंग - फोटो : SELF
प्रोलैक्टीन हार्मोन में असुंतलन है वजह
कुछ मामलों में प्रोलैक्टीन का स्तर ज्यादा हो जाता है। इसे हाइपरप्रोलैक्टिनेमिया भी कहा जाता है। कुछ मामलों में यह ब्रेन ट्यूमर की वजह से भी होता है। हालांकि, कुछ मामलों में प्रोलैक्टीन का स्तर सामान्य रहने के बावजूद ज्यादा ब्रेस्ट मिल्क बनता है। यह डक्ट्स की संवेदनशीलता की वजह से हो सकता है। 
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