लीजिए ब्रह्मांड के एक और नए रहस्य से पर्दा उठ गया है। इसके बारे में जानकर आपको भी अचरज होगा। एक रिसर्च में वैज्ञानिकों ने पाया है कि स्पेस में दिखने वाली आकाशगंगा अपने भीतर एक गहरा राज समेटे हुए थी, लेकिन अब इस गुत्थी सुलझने का दावा किया जा रहा है।
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खगोलविदों ने दावा किया है कि हर आकाश गंगा चाहे वह छोटी हो या बड़ी अंतरिक्ष में घड़ी की तरह घूमती रहती हैं। अरबों साल में इसका एक चक्कर पूरा होता है।
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ऑस्ट्रेलिया के इंटरनेशनल सेंटर फार रेडियो एस्ट्रोनामी रिसर्च के शोधकर्ताओं ने यह खोज की है। शोधकर्ता गेर्हाट मेयूरेर के सामान्य गणित का इस्तेमाल कर आप जान सकते हैं कि समान आकार की आकाशगंगा का आंतरिक घनत्व भी एक सा होता है।
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इस खोज से वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि कौन सा तंत्र आकाशगंगा को मोटा बनाता है। उनके मुताबिक ज्यादा घनत्व वाली आकाशगंगा समान आकार वाली दूसरी आकाश गंगा से तेज नहीं घूमती है।
पर कम घनत्व वाली आकाशगंगा ज्यादा धीमे चक्कर काटती हैं। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि पुराने तारे आकाशगंगा के छोर पर पाए जाते हैं। जबकि शोधकर्ताओं को पहले लगता था कि छोर पर नए तारे होंगे।