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पहली बार भारत में डायनासोर मिलने से अचंभे में वैज्ञानिक, साइज देख सभी दंग

Fri, 27 Oct 2017 06:22 PM IST
amarujala.com- Presented by: राजेश सैनी
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JURASSIC 'SEA MONSTER' FOUND IN INDIA
'ichthyosaur' ऐसा डायनासोर है जो कि पानी में तैर सकता था। इन डायनासोर के बारे में ऐसा बताया जाता हैं कि यह अलास्का के समुद्रों में तैरते थे। लेकिन हाल ही में वैज्ञानिकों को भारत में भी एक ऐसे ही समुद्री डायनासोर का जीवाश्म मिला है। इस जीवाश्म को देखकर खुद वैज्ञानिकों की टीम भी हैरान है। 

वे इस दुविधा में हैं कि आखिर ये समुद्री डायनासोर 'दक्षिणी समुद्री क्षेत्र तक आया कैसे। दरअसल, अभी तक जितने भी समुद्री डायनासोर के जीवाश्म मिले हैं, वे सभी उत्तरी महाद्वीपों में ही पाए गए हैं। इसलिए इनकी खोज भी वहीं तक सीमित रही है।


 
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JURASSIC 'SEA MONSTER' FOUND IN INDIA
यूएस और यूरोप तक ही खोज थी सीमित 
अब जब भारत में इस समुद्री डायनासोर के अवशेष पाए गए हैं तो साफ हो गया है कि इनका अस्तित्व दक्षिणी समुद्री क्षेत्र में भी कायम रहा है। nationalgeographic.com की रिपोर्ट के मुताबिक समुद्री डायनासोर का यह जीवाश्म भारत के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में मिला है। यह 150 मिलियन साल पुराना बताया जाता है। एक छोटी सी नाव के आकार में खुदाई में मिला है गुजरात के लोदी प्रांत के एक गांव में मिला है। माना जा रहा है कि जहां यह जीवाश्म पाया गया है वहां पहले पानी रहा होगा। 

 
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व्हेल मछली भी खाती थी खौफ
यह जीवाश्म एक 'इचीथोसॉर' का है। इसका कंकाल देखने में एक समुद्री सरीसृप की भांती नजर आता है। बताया जाता है कि यह अपने समय का सबसे बड़ा और सबसे खतरनाक समुद्री जीव हुआ करता था। उस समय समुद्र में रहने वाले अन्य बड़े जीव जैसे व्हेल, डॉल्फिन सब इससे आतंकित थे। 

 

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JURASSIC 'SEA MONSTER' FOUND IN INDIA
152 -157 लाख साल पुराना हो सकता है कंकाल
जीवाश्म से पता चलता है इस जीव की बड़ी-बड़ी आंखें, संकीर्ण जबड़ा और शंकु के आकार के दांत रहे होंगे जिसकी मदद से वह विशालकाय मछलियों को खाता होगा। भारत में मिला ichthyosaur का यह जीवाश्म 152 -157 लाख साल पहले का बताया जाता है। बता दें इस क्षेत्र में खोजा गया यह पहला जुरासिक समुद्र राक्षस है। पीएलओएस वन में 25 अक्टूबर को अनावरण किया गया। ये जीवाश्म ओन्टोलॉजिस्टों की बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा कि प्राचीन समय में दुनिया भर में  'इचीथोसॉर' कैसे फैले हैं।

 
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JURASSIC 'SEA MONSTER' FOUND IN INDIA
वैज्ञानिक मान रहे चमत्कार
एडिनबर्ग विश्वविद्यालय में एक पेलियोटोलॉजिस्ट स्टीव ब्रुसैट ने इस संबंध में कहा, कि 'यह वाकयी एक शानदार खोज है और भारत में अब तक के सबसे अच्छे 'इचीथोसॉर' के कंकाल का पता चला है' यह अध्ययन में काफी मददगार साबित होगा। ब्रूसैट कहते हैं 'इचीथोसॉर के जीवाश्म अभी तक केवल उत्तरी महाद्वीपों से जोड़कर देखे जाते रहे हैं, दक्षिण में इनका पाया जाना बेहद दुर्लभ हैं।'

 
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इस कंकाल में कई रहस्य प्रकट करने की क्षमता
विश्व स्तर पर, इनके अधिकतर जीवाश्म अब तक उत्तरी अमेरिका और यूरोप में पाए गए हैं। इससे पहले 'इचीथोसॉर' का जीवाश्म 2016 में एक स्कॉटिश लच के पास पाया गया था। फिलहाल, यह कहा जा रहा है कि भारत में मिले इस नए कंकाल में इस प्रजाति के विकास और जीवविज्ञान के बारे में कई रहस्य प्रकट करने की क्षमता है।

 
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आकार में ऐसे हुआ करते थे ये 'इचीथोसॉर'
आपको बता दें कि इसकी एक लम्बी गर्दन हुआ करती थी। और ये 70 मिलियन साल पहले पानी में तैरा करते थे। इस तरह के एक प्राणी की पहली हड्डियां 1868 में कैनसस में मिलीं। शोध से पता चलता है कि ये 25 फुट लम्बा हुआ करता था। 

 

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JURASSIC 'SEA MONSTER' FOUND IN INDIA
समुद्री डायनासोर की थी ये तीन प्रजातियां 
plesiosaurs, ichthyosaurs और thalattosaurs के अलावा, दो अन्य प्रकार के प्राचीन समुद्री सरीसृप हैं जिनकी हड्डियों को अलास्का में खोजा गया है।
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