इस बच्चे को जन्म से ही सिर के पीछे सिर बराबर ही सिस्ट था। डॉक्टरों ने कह दिया था कि महज कुछ हफ्तों के बाद बच्चे की जान जा सकती है।
विज्ञापन
सिस्ट
2 of 6
- फोटो : daily mail
ये मामला है कर्नाटका के तावरियारा नाम के गांव का। 35 साल के करिप्पा नरानल और उनकी पत्नी को श्रीदेवी नरानल को हाल ही में बच्चा हुआ। लेकिन इस बच्चे के सिर के पीछे सिर जैसी ही चीज थी।
विज्ञापन
सिस्ट
3 of 6
- फोटो : daily mail
डॉक्टरों ने बताया कि ये असल में ये एक दुर्लभ मेडिकल परिस्थिति है। इसका नाम ऑहसपटल एनसिफैलोसेल है। इस कंडिशन में खोपड़ी की दो हड्डियों के बीच गैप आ जाता है। उस गैप में दिमाग का फ्लूड अपनी जगह बनाने लगता है।
सिस्ट
4 of 6
- फोटो : daily mail
ये बढ़कर इतना बड़ा हो जाता है कि इसके अंदर पानी जैसी चीज हो जाती है। इससे बच्चे का सिर भारी हो जाता है और बार-बार सिर पीछे की और जाता है। अपने बच्चे को करिप्पा ने कई डॉक्टरों को दिखाया।
विज्ञापन
सिस्ट
5 of 6
- फोटो : daily mail
पर मजदूर करिप्पा के पास इतने रुपए नहीं थे कि वो अच्छा इलाज करवा पाएं। आखिरकार उन्हें बंगालुरू में एक डॉक्टर मिल ही गए जिन्होंने इस बच्चे को ऑपरेट किया। उन्होंने कहा कि बच्चे के बचने के चांसेज मजह पचास प्रतिशत है।
लेकिन फिर भी बच्चे के माता-पिता ने ये रिस्क उठाया। बच्चे का ऑपरेशन छह घंटों तक चला। बच्चे के सिर के पीछे का सिस्ट सफलतापूर्वक अलग कर दिया गया। चूंकि बच्चों के मामलों में खून के ज्यादा बहने का रिस्क नहीं लिया जा सकता इसलिए इस ऑपरेशन में खतरा था। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे के साथ ये मेडिकल अवस्था तब भी आती है जब गर्भ में बच्चे के रहते हुए मां के शरीर में फॉलिक एसिड की कमी हो जाए।