करीब घंटेभर पहले की तो बात थी जब 10 साल का बेटा स्कूल के स्विमिंग पूल में मजे से तैराकी कर रहा था। थोड़ी देर पहले ही तो वो अपने कमरे में गया था सोने। खुद मां ने उसे थका हुआ देख आराम करने के लिए बेड पर लिटाया था...
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ड्राई ड्राउनिंग
- फोटो : Opposingviews
लेकिन दोबारा जब मां ने कमरे में झांका, तो गहरा धक्का लगा। उसके बेटे की न सांसें चल रही थीं, न वह हिल-डुल रहा था। आनन-फानन में बेटे को अस्पताल ले गई। वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने बच्चे को मरा हुआ घोषित कर दिया। लेकिन इस मां को जिंदगी का सबसे बड़ा शौक मिलना तो अभी भी बाकी था...
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ड्राई ड्राउनिंग
- फोटो : Shareably
डॉक्टरों ने बताया कि उसके 10 साल के बच्चे की मौत डूबने से हुई है। लेकिन ये कैसे मुमकिन है? वो तो स्विमिंग करने के बाद घर आ गया था और तब सोने चला गया। जब वह पानी में था ही नहीं, तो डूबकर मौत कैसे मुमकिन थी?
डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे की मौत फेंफड़ों से दिमाग तक ऑक्सीजन के न पहुंचने के कारण हुई है। इसे मेडिकल भाषा में asphyxiation कहते हैं। आम बोलचाल की भाषा में Dry Drowning भी कहते हैं। डॉक्टरों ने कहा कि स्विमिंग करते वक्त ही बच्चे के फेंफड़ों में पानी चला गया था। 'ड्राई ड्राउनिंग' से मौत का खतरा स्विमिंग के 72 घंटों तक रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर पानी भी गलत तरीके से पी लिया जाए तो इस तरह मौत हो सकती है।