अक्सर लोग समय से अपने रोजमर्रा के काम करने के लिए घड़ी में अलार्म सेट कर लेते है। कभी-कभी वही अलार्म आपके लिए सिरदर्द भी बन सकता है, खासकर जब आपका मन सिर्फ और सिर्फ आराम करने का हो। आज हम आपको एक ऐसी रियल स्टोरी से वाकिफ कराएंगे जिसमें घड़ी में अलार्म की रिंग तो सुनाई देती है पर वो किसी दीवार पर टंगी घड़ी या फिर फोन के अलार्म से नहीं बल्कि एक दीवार के अंदर से आती है।
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अलार्म क्लॉक
एक अमेरिकी परिवार पिछले 13 साल से हर 10 मिनट पर अलार्म की आवाज झेल रहा है। परेशानी यह है कि वे उसे बंद भी नहीं कर सकते क्योंकि वह दीवार के पीछे गिरा पड़ा है।
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अलार्म क्लॉक
अब आप ये सोच रहे होंगे कि आखिर ये अलार्म घड़ी दीवार के अंदर कैसे पहुंची, तो यहां हम आपको बता दें कि ये घड़ी गलती से दीवार के पीछे गिर गई थी। दरअसल, इस घर के मुखिया जैरी अपने लिविंग रूम में एक निश्चित जगह पर टीवी के तार को लगाने के लिए छेद करना चाहता थे। इसके लिए उन्होंने तार को बड़ी मजबूती से बांधा हुआ था। लेकिन हवा का दवाब तेज होने की वजह से उन्होंने काम को बीच में ही रोक दिया।
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अलार्म क्लॉक
जेरी ने जिस जगह छेद करना था वहीं पर घड़ी को रख दिया था और उसमें 10 मिनट बाद का अलार्म सेट कर दिया था। उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि वो सुराख करने वाली जगह को भूल न जाएं लेकिन हवा की वजह से तार ढीले हो गए और उनका पूरा प्लान फ्लॉप हो गया। घड़ी दीवार के पीछे जा गिरी। जैरी और उनकी पत्नी को लगा कि कुछ दिनों में घड़ी की बैट्री खत्म हो जाएगी तो अलार्म बजने का सिलसिला भी थम जाएगा इसलिए उन्होंने उसे बाहर नहीं निकाला।
लेकिन वह अलार्म बजता रहा। देखते-देखते 13 साल गुजर गए और अब यहां रहने वाले बूढ़े दंपति को इसे झेलने की आदत हो गई है। जब इस घड़ी के अलार्म की आदत के बारे में उनसे पूछा गया तो जैरी और उनकी पत्नी सिल्विया ने कहा कि अब इस घड़ी की आवाज का कनेक्शन सीधे दिमाग से जुड़ चुका है।