संदीप खंडेलवाल
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नौकरी करते समय संदीप को ऐसा महसूस हो रहा था कि वह जो भी कर रहे हैं सब अपने लिए कर रहे हैं, दूसरों के लिए वह कुछ भी नहीं कर रहे हैं। इसी बीच उन्हें अपने गांव और समुदाय के लिए कुछ करने का विचार आया। संदीप अपने गांव में कुछ ऐसा करना चाहते थे कि, जिससे लोगों की जिंदगी बेहतर हो सके। काफी सोच-विचार के बाद संदीप ने तय किया कि वो गांव जाकर व्यवसायिक तरीके से खेती करना शुरू करेंगे, जिससे गांव के लोगों को रोजगार मिल सके।