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'जेल में योग करवाने से समलैंगिक हो सकते हैं कैदी', इस महिला नेता का अजीबोगरीब दावा

Wed, 10 Apr 2019 06:56 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला
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रूस में योग करते लोग - फोटो : Social media
योग आज दुनियाभर में अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। इसके फायदों को देखते हुए अब अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया जाने लगा है, लेकिन एक महिला नेता ने योग को लेकर अजीबोगरीब दावा किया है। उसका कहना है कि जेल में योग करवाने से कैदियों के समलैंगिक होने का खतरा रहता है। इसके अलावा योग से कैदियों में झगड़ने की प्रवृत्ति भी बढ़ सकती है। 
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येलेना मिजुलीना - फोटो : Social media
दरअसल, पिछले साल मॉस्को की कुछ जेलों में कैदियों के लिए योग शुरू किया गया था। इसी को लेकर रूस की महिला सांसद येलेना मिजुलीना ने यह अजीबोगरीब दावा किया था। उन्होंने इसकी शिकायत महाभियोजक (प्रॉसिक्यूटर जनरल) से भी कर दी थी, जिसके बाद जेलों में योग को बंद कर दिया गया था।  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : File photo
हालांकि जेल के अफसरों ने उस समय योग की खूब तारीफ की थी, क्योंकि उनके नजरिए से जेल में योग कराने से कैदियों पर इसके काफी सकरात्मक परिणाम मिले थे। इसी को देखते हुए अब एक फिर से जेलों में योग को शुरू कर दिया गया है। 

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योग - फोटो : Social media
रूस के एक अखबार के मुताबिक, धर्मशास्त्र के प्रोफेसर अलेक्जेंडर ड्वोर्किन ने योग का सुझाव देते हुए एक दस्तावेज लिखा है कि कुछ योग व्यायाम कैदियों के बीच यौन इच्छा में बढ़ोतरी के परिणामस्वरूप समलैंगिक संबंधों को जन्म दे सकते हैं। 
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योग - फोटो : Social media
महिला सांसद येलेना मिजुलीना ने अलेक्जेंडर ड्वोर्किन के दस्तावेज का हवाला देकर जेलों में योग क्लासेस बंद करने की बात कही थी। बता दें कि येलेना रूस की राजनीति में एक विवादास्पद चेहरा हैं और वो रूढ़िवादी भी हैं।  
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येलेना मिजुलीना - फोटो : Social media
येलेना मिजुलीना ने कुछ साल पहले गर्भपात कराने के अधिकार को खत्म करने का भी सुझाव दिया था। साथ ही वो तलाक लेने वालों पर भी टैक्स लगाने की बात कह चुकी हैं। 

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