मुगल साम्राज्य के इतिहास में कई रानियां और शहजादियां आईं, लेकिन कुछ ऐसी भी थीं, जिन्होंने केवल अपने शाही खून की वजह से नहीं, बल्कि अपनी बुद्धिमानी और काबिलियत के बल पर अपनी अलग पहचान बनाई। ऐसी ही एक शख्सियत थीं जहां आरा बेगम। वे सिर्फ एक शहजादी नहीं, बल्कि एक कुशल प्रशासक, विद्वान और कला संरक्षक भी थीं। दिलचस्प बात यह है कि उन्हें उस दौर की सबसे 'अमीर शहजादी' भी कहा जाता है।