आज से करोड़ों साल पहले डायनासोर का पृथ्वी पर राज था। इस दौरान डायनासोर की विभिन्न प्रजातियां पृथ्वी पर पाई जाती थीं। इनमें से कई शाकाहारी थीं तो कई मांसाहारी। वैज्ञानिकों के अध्ययन के मुताबिक लगभग 6.6 करोड़ साल पहले एक शहर के आकार जितना बड़ा एस्टेरॉयड पृथ्वी से टकराया। यह टकर इतनी भयानक थी कि इसके चलते डायनासोर के साथ-साथ पृथ्वी पर से 75 फीसदी जीवन विलुप्त हो गया। इस क्रम में एक अध्ययन ने चौकाने वाला खुलासा किया है। अध्ययन के मुताबिक लाखों सालों तक पृथ्वी पर 42 अरब डायनासोर का राज था।
विज्ञापन
2 of 5
डायनासोर
- फोटो : Social media
यह अध्ययन बर्कले में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने किया। उन्होंने टायरैनोसोरस (टी-रेक्स) नामक डायनासोर की प्रजाति का आकार, उर्जा जरुरतों और लैंगिक परिपक्वता के आधार पर अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि यह तकरीबन 1 लाख 27 हजार पीढ़ियों तक जिंदा रहे थे। इसके आधार पर उन्होंने बताया कि पृथ्वी पर इनकी कुल संख्या 14 करोड़ से 42 अरब के बीच रही होगी। औसतन माना जाए तो यह संख्या 2.5 अरब की थी।
विज्ञापन
3 of 5
डायनासोर
- फोटो : Social media
इस अध्ययन के प्रमुख चार्ल्स मार्शल ने बताया कि अध्ययन का यह अनुमान आने वाले शोधों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। उनके मुताबिक डायनासोर के मजबूत जबड़े और उनके कई सारे दांत भी थे। आपको बता दें कि चार्ल्स मार्शल, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया म्यूजियम ऑफ पेलियोन्टोलॉजी के निदेशक हैं।
4 of 5
डायनासोर
- फोटो : Social media
मार्शल के अध्ययन के मुताबिक डायनासोर की यह आबादी उत्तरी अमेरिका में विचरण करती थी। उनकी टीम ने डायनासोर की संख्याओं का पता लगाने के लिए जीव विज्ञान नियमों का उपयोग किया। इस नियम के मुताबिक जानवर जितना बड़ा होगा आबादी उतनी ही कम होगी। इसके बाद टीम ने टी रेक्स को जिंदा रहने के लिए कितनी उर्जा की जरूरत थी उसका भी पता लगाया। उन्होंने शोध के दौरान डायनासोर की जनसंख्या घनत्व का भी अंदाजा लगाया। इसी बल पर उन्होंने अपना निष्कर्ष साइंस जर्नल में प्रकाशित किया।
इस रिसर्च में यह भी पता चला कि टी रेक्स 14 से 17 की उम्र के बीच लैंगिक परिपक्व हो जाते थे। इस प्रजाति के डायनासोर की अधिकतम आयु 28 वर्ष थी। चार्ल मार्शल ने यह भी बताया कि विभिन्न क्षेत्रों से टी-रेक्स के 100 जीवाश्म को अब तक खोजा गया है।