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साल में सिर्फ 5 घंटे के लिए खुलता है ये मंदिर, महिलाओं के लिए बने हैं ये खास नियम

Tue, 14 May 2019 06:57 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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निरई माता का मंदिर - फोटो : Social media
भारत में ऐसे कई मंदिर हैं जो अपने आप में कई रहस्य समेटे हुए हैं। इन रहस्यों के कारण ही ये मंदिर दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जो अपने आप में बेहद अनोखा है। खास बात ये है कि यह मंदिर साल में सिर्फ पांच घंटे के लिए ही खुलता है। साथ ही यहां महिलाओं के लिए भी कई खास नियम बनाए गए हैं। 
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निरई माता का मंदिर - फोटो : Social media
दरअसल हम बात कर रहे हैं निरई माता मंदिर की। यह मंदिर छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी पर स्थित है। निरई माता के मंदिर में सिंदूर, सुहाग, श्रृंगार, कुमकुम, गुलाल, बंदन नहीं चढ़ाया जाता बल्कि नारियल और अगरबत्ती से माता को प्रसन्न किया जाता है। 
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निरई माता का मंदिर - फोटो : Social media
आमतौर पर मंदिरों में जहां दिन भर देवी-देवताओं की पूजा होती है, तो वहीं निरई माता के मंदिर में केवल 5 घंटे ही यानी सुबह 4 बजे से 9 बजे तक माता के दर्शन किए जा सकते हैं। बाकी दिनों में यहां आना प्रतिबंधित होता है। जब भी यह मंदिर खुलता है, यहां माता के दर्शन के लिए हजारों लोग पहुंचते हैं।  

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
कहते हैं कि निरई माता मंदिर में हर साल चैत्र नवरात्र के दौरान अपने आप ही ज्योति प्रज्जवलित होती है। यह चमत्कार कैसे होता है, यह आज तक पहेली ही बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यह निरई देवी का ही चमत्कार है कि बिना तेल के ज्योति नौ दिनों तक जलती रहती है। 
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निरई माता का मंदिर - फोटो : Social media
निरई माता मंदिर में महिलाओं को प्रवेश और पूजा-पाठ की इजाजत नहीं है। यहां सिर्फ पुरुष ही पूजा-पाठ की रीतियों को निभाते हैं। महिलाओं के लिए इस मंदिर का प्रसाद खाना भी वर्जित है। कहते हैं कि महिलाएं अगर मंदिर का प्रसाद खा लें तो उनके साथ कुछ न कुछ अनहोनी हो जाती है। 
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