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NASA Moon Base: चांद पर स्थायी मानव बेस बनाएगा नासा, जानिए क्या है अमेरिका का पूरा प्लान

Wed, 27 May 2026 02:36 PM IST
Dharmendra Kumar Singh फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

NASA Moon Base: अमेरिका अंतरिक्ष एजेंसी नासा चांद पर स्थायी बेस बनाने के लिए इस साल के अंत तक तीन मिशन लाॅन्च करेगा। नासा के प्रशासक जेरेड आइजकमैन ने अमेरिका के पूरे प्लान को बताया है। 
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चांद पर स्थायी मानव बेस बनाएगा नासा, जानिए क्या है अमेरिका का पूरा प्लान - फोटो : AI
NASA Moon Base: अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने एलान किया है कि चांद पर लूनर बेस बनाएगा। नासा के प्रशासक जेरेड आइजकमैन ने बताया कि इस साल के अंत में अंतरिक्ष एजेंसी लूनर बेस शुरू करने के लिए तीन मिशन लॉन्च करेगी। इनके तहत नासा महत्वपूर्ण पेलोड चांद पहुंचाएगा, जिससे बेस बनाने के लिए आधार तैयार किया जाएगा।

अब चांद को कभी नहीं छोड़ेगा अमेरिका

आइजकमैन ने बताया कि इन घोषणाओं का मतलब है कि अब अमेरिका चांद को कभी नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि इन सभी मिशनों का नेतृत्व ब्लू ओरिजिन, एस्ट्रोबोटिक और इंट्यूटिव मशीन्स करेंगी। चांद पर बेस बनने के बाद अमेरिका वहां पर वैज्ञानिक प्रयोग करेगा। इसके साथ ही कीमती संसाधन निकाल सकेगा और मंगल ग्रह तक ज्यादा आसानी से जा सकेगा। 

चीन और अमेरिका के बीच अंतरिक्ष दौड़

अमेरिका की चाहत है कि साल 2029 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पद छोड़ने से पहले एक बार फिर अमेरिकी नागरिक चांद पर उतर जाएं। चांद पर इंसानों को भेजने के मामले में अमेरिका का मुकाबला चीन से है। नासा पर दबाव है कि वह इस नई अतंरिक्ष दौड़ में जीत रहा है। चीन की योजना 2030 तक इंसानों को चांद पर भेजेगा, जिस पर तेजी से काम कर रहा है। चीन ने सोमवार को शेनजोउ-23 अंतरिक्षयान लॉन्च किया। इसमें शामिल अंतरिक्ष यात्रियों के एक दल को चीन के तियानगोंग स्पेश स्टेशन पर भेजा गया।
 
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चांद पर स्थायी मानव बेस बनाएगा नासा, जानिए क्या है अमेरिका का पूरा प्लान - फोटो : NASA
क्या है नासा का बेस मून प्रोग्राम? 

नासा ने इसी साल मार्च में  2032 तक चांद के दक्षिणी ध्रुव पर न्यूक्लियर और सोलर एनर्जी से चलने वाले एक स्थायी बेस के निर्माण के लिए 20 अरब डाॅलर के प्रोग्राम का एलान किया था। लेकिन अधिकतर विशेषज्ञों का मानना है कि नासा की यह समय सीमा अवास्तविक है, जबकि कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि चीन का चांद पर इसानों का उतारने वाला अगला देश होगा। 
 
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चांद पर स्थायी मानव बेस बनाएगा नासा, जानिए क्या है अमेरिका का पूरा प्लान - फोटो : NASA
तीन चरण में बेस मिशन पूरा करेगा नासा

मून बेस 1 मिशन में नासा ब्लू ओरिजिन के ब्लू मून मार्क 1 एंड्योरेंस लैंडर का इस्तेमाल करके वैज्ञानिक उपकरणों को चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास शैकलटन कनेक्टिंग रिज इलाके तक पहुंचाएगा। 

मून बेस 2 मिशन में एस्ट्रोबोटिक के ग्रिफिन लैंडर के जरिए 1,100 पाउंड (करीब 500 किलोग्राम) से ज्यादा कार्गो चंद्रमा पर पहुंचाया जाएगा, जिसमें एस्ट्रोलैब का FLIP रोवर भी शामिल होगा। यह भविष्य के अंतरिक्ष यात्री अभियानों के लिए गतिशीलता प्रणालियों का परीक्षण करेगा।

मून बेस 3 मिशन में इंट्यूटिव मशीन्स के नोवा-सी ट्रिनिटी लूनर लैंडर द्वारा वैज्ञानिक उपकरणों को भेजा जाएगा। इनमें लूनर वर्टेक्स जांच शामिल है, जो चंद्रमा की सतह पर मौजूद रहस्यमयी लूनर स्वर्ल्स (चंद्र घुमावदार संरचनाएं) का अध्ययन करेगी।

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चांद पर स्थायी मानव बेस बनाएगा नासा, जानिए क्या है अमेरिका का पूरा प्लान - फोटो : NASA
रोबोटिक लैंडर्स और हॉपिंग ड्रोन्स भेजना चाहता है नासा

अमेरिका अंतरिक्ष एजेंसी नासा चांद पर इंसानों से पहले रोबोटिक लैंडर्स और हॉपिंग ड्रोन्स को पहुंचाना चाहती है। ऐसी इसलिए क्योंकि नासा चाहता है कि वे चांद के मुश्किल इलाके की खोज कर सकें और नक्शा बना सकें। इसके साथ अंतरिक्ष यात्रियों को चांद की सतह पर घूमा सकने वाली गाड़ियों को भी भेजा जाएगा। इसके साथ ही वो संचार और वैज्ञानिक उपकरण भी ले जा सकें।

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चांद पर स्थायी मानव बेस बनाएगा नासा, जानिए क्या है अमेरिका का पूरा प्लान - फोटो : NASA
क्यों दक्षिणी ध्रुव पर बेस बनाएगा नासा? 

आइजकमैन ने बताया कि हम 1960 के दशक की कार्यप्रणाली को फिर से अपना रहे हैं। हम सीखने और लगातार सुधार करने वाले इस चरणबद्ध दृष्टिकोण पर लौटेंगे। नासा ने दक्षिणी ध्रुव पर बेस बनाने की वजह बताई है। नासा का कहना है कि चांद के दक्षिणी ध्रुव का उसकी वैज्ञानिक महत्ता और वहां संभावित जल-बर्फ भंडार की वजह से चुनाव किया गया है, जो भविष्य में मानव आवास और ईंधन उत्पादन में मददगार साबित हो सकते हैं।
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