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Mysterious Temple: भारत का रहस्यमयी मंदिर, मूर्ति में धड़कता है भगवान श्रीकृष्ण का दिल, जानें चौंकाने वाले रहस्य

Tue, 05 Jul 2022 03:16 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इस मंदरि की मूर्ति में धड़कता है भगवान श्रीकृष्ण का दिल - फोटो : iStock
Mysterious Temple: दुनियाभर में भारत एक आस्था का केंद्र है। देश में कई रहस्यमयी मंदिर हैं जिनके रहस्यों को वैज्ञानिक भी नहीं सुलझा पाए हैं। हम आपको एक ऐसे रहस्यमयी मंदिर के बारे में बताते हैं जहां पर आज भी भगवान श्रीकृष्ण का दिल धड़कता है। शरीर त्यागने के बाद सभी लोगों की हृदय गति रुक जाती है, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण के शरीर त्यागने के बाद भी उनका हृदय अभी भी धड़क रहा है। आपको जानकर इस बात पर यकीन हो रहा होगा, लेकिन पुराणों में दी गई जानकारी और कुछ घटनाओं के बारे में जानकर इस सत्य पर आपको यकीन हो जाएगा। 

भगवान श्री हरि श्रीविष्णु ने द्वापर युग में जब श्रीकृष्ण का अवतार लिया तो उनका यह मानव रूप था। सृष्टि का नियम है कि धरती पर जन्म लेने वाले हर इंसान की मृत्यु निश्चित है। उसी तरह भगवान श्री हरि के इस मानव रूप की भी मृत्यु निश्चित थी। 
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इस मंदरि की मूर्ति में धड़कता है भगवान श्रीकृष्ण का दिल - फोटो : iStock
महाभारत युद्ध के 36 साल बाद भगवान श्रीकृष्ण ने अपने देह को त्याग दिया। इसके बाद पांडवों ने भगवान श्रीकृष्ण का अंतिम संस्कार किया। उनका पूरा शरीर अग्नि में तो समा गया, लेकिन उनका दिल धड़क ही रहा था। अग्नि भी ब्रह्म के हृदय को नहीं जला पाई। यह देखकर पांडव हैरान रह गए। इसके बाद आकाशवाणी हुई कि यह ब्रह्म का हृदय है और इसे समुद्र में प्रवाहित कर दीजिए। पांडवों ने भगवान श्रीकृष्ण के हृदय को समुद्र में प्रवाहित कर दिया।
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इस मंदरि की मूर्ति में धड़कता है भगवान श्रीकृष्ण का दिल - फोटो : iStock
ओडिशा के पुरी में प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ का मंदिर स्थित है। इस मंदिर में भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विराजमान है। इस मंदिर विराजमान भगवान जगन्नाथ से कई रहस्य जुड़े हुए हैं। इसके साथ यह रहस्यमयी मंदिर बेहद चमत्कारिक भी है। 

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इस मंदरि की मूर्ति में धड़कता है भगवान श्रीकृष्ण का दिल - फोटो : iStock
इस मंदिर के सामने आने वाली हवा का रुख भी बदल जाता है। मान्यता है कि हवाएं इसलिए अपनी दिशा बदल लेती हैं, ताकि समुंदर की लहरों की आवाज मंदिर के अंदर न जा सके। प्रवेश द्वार से मंदिर में कदम रखते ही समुद्र की आवाज सुनाई देना बंद हो जाती है। सबसे हैरानी वाली बात यह है कि मंदिर का ध्वज भी हमेशा हवा से उलटी दिशा में लहराता है। 
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इस मंदरि की मूर्ति में धड़कता है भगवान श्रीकृष्ण का दिल - फोटो : iStock
भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर की मूर्ति में आज भी भगवान श्रीकृष्ण का हृदय मौजूद है। भगवान के हृदय अंश को ब्रह्म पदार्थ कहा जाता है। मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूर्तियां लकड़ी की हैं। भगवान श्री जगन्नाथ की मूर्ति का निर्माण नीम की लकड़ी से होता है। हर 12 साल में जब भगवान जगन्नाथजी की मूर्ति बदली जाती है। उस दौरान इस ब्रह्म पदार्थ को पुरानी मूर्ति से निकालकर नई मूर्ति में रख दिया जाता है। 
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इस मंदरि की मूर्ति में धड़कता है भगवान श्रीकृष्ण का दिल - फोटो : iStock
बताया जाता है कि जब इस रस्म को किया जाता है, तो उस दौरान पूरे शहर की बिजाली काट दी जाती है। इसके बाद मूर्ति बदलने वाले पुजारी भगवान के कलेवर को बदलते हैं। मान्यता है कि इस मूर्ति के नीचे आज भी भगवान श्रीकृष्ण का हृदय धड़कता है।
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इस मंदरि की मूर्ति में धड़कता है भगवान श्रीकृष्ण का दिल - फोटो : iStock
जब भगवान कृष्ण का हृदय एक मूर्ति से दूसरी मूर्ति में रखा जाता है, बिजली काटने के साथ ही पुजारी के आंखों पर पट्टी बांध दी जाती है। इसके अलावा हाथों में दस्ताने पहना दिए जाते हैं। इसके पीछे मान्यता है कि अगर किसी ने गलती से भी उसे देख लिया तो उसकी मौत हो जाएगी। 

 
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इस मंदरि की मूर्ति में धड़कता है भगवान श्रीकृष्ण का दिल - फोटो : iStock
इसलिए रस्म निभाने से पहले पूरा ध्यान रखा जाता है और सतर्कता के यह कार्य किया जाता है। मूर्ति बदलने वाले पुजारी बताते हैं कि जब भी यह प्रक्रिया की जाती है, तो उस समय ऐसा एहसास होता जैसे कलेवर के अंदर खरगोश फुदक रहा हो। 
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