फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mysterious Cave: बिहार की रहस्यमयी गुफा, जिसके दूसरे छोर का आज तक नहीं चला पता, जानिए क्या है इतिहास

Sat, 17 Dec 2022 07:05 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
बिहार की रहस्यमयी गुफा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
Mysterious Cave: दुनिया में कई रहस्यमयी जगहें पाई जाती हैं जिनके बारे में जानकर हैरानी होती है। कई बार इन रहस्यमयी जगहों के बारे में जानने के बाद यकीन करना मुश्किल होता है। वैज्ञानिकों ने कई रहस्यों से पर्दा उठा दिया है, लेकिन अभी तक कई रहस्य आज भी राज हैं। पृथ्वी पर कई ऐसे रहस्यमयी जंगल, पहाड़, नदी, द्वीप और गुफाए हैं जिनके रहस्यों को अभी तक सुलझाना बाकी है। कई जगहें अदृश्य शक्तियों, तो कुछ स्थान भूतों की वजह से रहस्यमयी बन गए हैं। आज हम आपको एक ऐसी ही जगह के बारे में बताएंगे। 

बिहार में एक रहस्यमयी गुफा है जिसके बारे में जानने के बाद लोगों को यकीन नहीं होता है। बिहार के मुंगेर जिले में एक रहस्यमयी गुफा स्थित है जिसके रहस्य से आज तक कोई पर्दा नहीं उठा पाया है। यह गुफा आज भी लोगों के लिए रहस्य है। आइए जानते हैं इस रहस्यमयी गुफा के बारे में...
विज्ञापन

2 of 5
बिहार की रहस्यमयी गुफा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
अक्सर आपने देखा होगा कि किसी गुफा में एक छोर से अंदर जाते हैं और दूसरी छोर से बाहर निकल जाते हैं। लेकिन बिहार के मुंगेर जिले में स्थित इस रहस्यमयी गुफा में अंदर के जाने के लिए रास्ता तो है, लेकिन बाहर निकलने के लिए दूसरे छोर का आज तक कोई नहीं पता लगा पाया है। 
 
विज्ञापन

3 of 5
बिहार की रहस्यमयी गुफा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
बताया जाता है कि आज भी लोग इस गुफा के दूसरे छोर के बारे में जानने की कोशिश कर रहे हैं। यह गुफा 250 साल पुरानी है जिसका इतिहास रोचक है। गुफा जहां पर स्थित है वह एक पार्क है। श्रीकृष्ण वाटिका में यह गुफा मीर कासिम की है। 


Optical Illusion: इस तस्वीर में छिपा है कुत्ता, क्या 10 सेकेंड में खोज सकते हैं? ज्यादातर लोग हो चुके हैं फेल

4 of 5
बिहार की रहस्यमयी गुफा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
बताया जाता है कि नवाब मीर कासिम ने मुंगेर में गंगा नदी के कष्टहरणी घाट किनारे सन 1760 ई. में गुप्त गुफा बनवाया था। अंग्रेजों के हमले से बचने के लिए इस गुफा का निर्माण किया गया था जिसका एक छोर आज भी सुरक्षित नजर आता है। गुफा के दूसरे छोर को लेकर कई तरह की बातें की जाती है।  लोग बताते हैं कि गुफा का दूसरा छोर मुंगेर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र की पीर पहाड़ी के पास स्थित। हालांकि इस बात की कोई पुष्टि नहीं की जा सकेगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
बिहार की रहस्यमयी गुफा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
क्या रहा है इतिहास? 

ईस्ट इंडिया कंपनी का नवाब मीर कासिम 1760 में मुंगेर पहुंचा। इसके बाद उसने बंगाल की राजधानी मुर्शिदाबाद को मुंगेर में शिफ्ट कर दी।  कुछ इतिहासकारों का कहना है कि मीर कासिम 1764 तक मुंगेर में रहा। उसने मुंगेर और अपने आपको सुरिक्षत रखने के लिए शहर को किले में बदल दिया। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें