माउंट एरेबस त्रासदी
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कैसे हुआ था वो प्लेन क्रैश?
एयर न्यूजीलैंड ने इस दुर्घटना से दो साल पहले ही अंटार्कटिका में लोगों को घुमाने के मकसद से एक खास फ्लाइट की शुरुआत की थी, यह विशेष सेवा लोगों को बहुत पसंद आ रही थी। ऑकलैंड से उड़ान भरकर यह खास फ्लाइट 11 घंटे आसमान की सैर करते हुए जब धरती के दक्षिणी हिस्से में मौजूद अंटार्कटिका महाद्वीप पर पहुंचती थी तो उसका रोमांच अपने आप में ही अद्भुत होता था।
फ्लाइट के भीतर भी बेहतरीन तरीके से एशो-आराम की सुविधा थी। पृथ्वी के एक छोर पर बर्फीली पहाड़ियों को देखना बेहद आकर्षक अनुभव था। लेकिन साल 1979 के 28 नवंबर वाले दिन, चीजें इतनी खूबसूरती से नहीं घटीं। दोपहर 12 बजे के आसपास, विमान के पायलट कैप्टन जिम कोलिंस विमान को लगभग 2000 फीट (610 मीटर) नीचे लेकर आए, वो अपने यात्रियों को प्रकृति के और करीब लाना चाहते थे।