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Monsoon Rain: दो हफ्ते तक सक्रिय रहेगा मानसून, इन जगहों पर होगी झमाझम बारिश, मौसम वैज्ञानिकों ने बताई वजह

Thu, 06 Aug 2026 08:28 PM IST
धर्मेंद्र कुमार सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Monsoon Rain: वैज्ञानिकों का कहना है कि हिंद महासागर के मौसम बदलाव हो रहा है। इसके कारण देश के कई इलाकों में झमाझम बारिश होगी। आइए जानते हैं कि आखिर इसकी वजह क्या है?
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दो हफ्ते तक सक्रिय रहेगा मानसून, इन जगहों पर होगी झमाझम बारिश - फोटो : AI
Monsoon Rain: भारत के कई इलाकों में इन दिनों भारी बारिश हो रही है। इस दौरान देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून एक अहम मोड़ पर है। मौसम वैज्ञानिकों ने संभावना जताई है कि देश के कई इलाकों में मानसून दो हफ्ते तक एक्टिव रहेगा। उत्तरी और पूर्वी भारत में कम समय तक बारिश वाले सिस्टम सक्रिय हो रहे हैं। बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी इलाके में बड़ा ट्रॉपिकल पैटर्न सकारात्मक स्टेज में प्रवेश कर रहा है। दोनों मिलकर बारिश की स्थितियां बना रहे हैं। भारतीय महासागर डाइपोल (आईओडी) वर्तमान समय में न्यूट्रल है। 

इसका मतलब यह है कि हिंद महासागर में समुद्र की सतह के तापमान का खास पैटर्न का पूरी तरह विकास नहीं हुआ है, जिससे मानसून मजबूत या कमजोर हो सकता है। सामान्य तौर पर पॉजिटिव आईओडी में पूर्वी हिंद महासागर में ठंडा पानी और पश्चिमी इलाके में गर्म पानी होता है। इस भारत में अच्छी बारिश होती है। फिलहाल  हिंद महासागर पर ट्रॉपिकल पश्चिमी हवाएं, पश्चिमी प्रशांत महासागर में टाइफून का असर और अल नीनो का बढ़ता प्रभाव हावी हो रहा है। सकारात्मक आईओडी से जुड़ी दक्षिण-पूर्वी ट्रेड विंड्स अभी स्थापित नहीं हुई है। फिर भी पूर्वी हिंद महासागर में गरज के साथ तूफानी गतिविधियां मजबूत बनी हैं। इससे साफ पता चलता है कि वायुमंडल अभी भी काफी सक्रिय है। 

वैज्ञानिकों ने बताया कि हिंद महासागर का आकार अपेक्षाकृत छोटा होने की वजह से यहां पर परिस्थितियों में तेजी से बदलाव हो सकता है। अगर आने वाले हफ्तों में अल नीनो और ताकतवर होता है, तो यह सकारात्मक आईओडी के विकास को ट्रिगर कर सकता है। सकारात्मक आईओडी अक्सर अल नीनो के नकारात्मक प्रभाव को कुछ कम करने में सहायता करता है। 
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दो हफ्ते तक सक्रिय रहेगा मानसून, इन जगहों पर होगी झमाझम बारिश - फोटो : amar ujala digital
कहां के समुद्र का तापमान हो रहा ठंडा?

इंडोनेशिया और जावा द्वीप के आसपास समुद्र की सतह का तापमान धीरे-धीरे ठंडा हो रहा है। यह ठंडक मौसमी अपवेलिंग से जुड़ी है। प्राकृतिक प्रक्रिया अपवेलिंग में गहरे समुद्र से ठंडा पानी ऊपर की तरफ जाता है।  इस ठंडक से इंडोनेशिया में बारिश के पैटर्न में होने वाला बदलाव जुड़ा है। यह व्यापक इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के मौसम को प्रभावित कर सकता है। 
 
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दो हफ्ते तक सक्रिय रहेगा मानसून, इन जगहों पर होगी झमाझम बारिश - फोटो : अमर उजाला
यह समुद्री परिवर्तन वायुमंडलीय परिस्थितियों पर भी असर डालते हैं। भारत के मानसून से जुड़े सिस्टम को भी प्रभावित करते हैं। भारत के ऊपर वायुमंडलीय स्थितियां बारिश के लिए अनुकूल बनती जा रही हैं।  मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर और पूर्व भारत में छोटी अवधि वाले बारिश के सिस्टम ज्यादा सक्रिय हो रहे हैं। इसके साथ ही मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (एमजेओ) एक ऐसे चरण में पहुंच रहा है, जो बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी इलाके में बादल का समर्थन करता है। 

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दो हफ्ते तक सक्रिय रहेगा मानसून, इन जगहों पर होगी झमाझम बारिश - फोटो : अमर उजाला
एमजेओ एक बड़े पैमाने ट्रॉपिकल मौसमी पैटर्न है। इससे दुनियाभर में बादल और बारिश के इलाकों में घुमाता रहता है। इसके सकारात्मक चरण में होने पर भारतीय इलाकों में नमी और बारिश की संभावना बढ़ जाती है। उच्च आवृत्ति वाले मोड उत्तर और पूर्वी भारत में सक्रिय हो हे हैं, तो वहीं कम आवृत्ति वाले BSISO या MJO दक्षिणी बंगाल की खाड़ी में सकारात्मक चरण में प्रवेश कर रहे हैं। इन दोनों के मिलने से आने वाले दो सप्ताह तक सक्रिय मानसून चरण की स्थितियां बनती हैं। इसके देश के कई इलाकों में व्यापक बारिश हो सकती है।

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दो हफ्ते तक सक्रिय रहेगा मानसून, इन जगहों पर होगी झमाझम बारिश - फोटो : अमर उजाला
कैसा रहेगा दो सप्ताह तक मौसम?

अगले दो सप्ताह में उत्तर भारत, पूर्वी भारत और बंगाल की खाड़ी से सटे इलाकों में बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर बनने वाले लो प्रेशर सिस्टम और एमजेओ के सकारात्मक चरण की वजह से कई जगहों पर अच्छी बारिश होने की संभावना है। हालांकि, आईओडी अभी न्यूट्रल है, जिसकी वजह से इस पूर मौसम का रुख अभी साफ नहीं है। मौसम विभाग और जलवायु वैज्ञानिकों द्वारा लगातार इन संकेतों को ट्रैक किया जा रहा है। हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी में अनुकूल परिस्थितियां बनने जा रही हैं। न्यूट्रल आईओडी के बाद भी स्थानीय उच्च आवृत्ति वाले सिस्टम और एमजेओ का सकारात्मक चरण आने वाले हफ्ते में मानसून को सक्रिय बनाकर रखेगा। समुद्र की सतह के तापमान में बदलाव, अपवेलिंग और अल-नीनो की विकास के मद्देनजर बाकी मौसम में उतार-चढ़ाव संभव है। 
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