प्रतीकात्मक तस्वीर
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जयंत ने कहा कि गेको असम और पूर्वोत्तर में पाए जाने वाले लुप्तप्राय टोके गेको की एक प्रजाति है। इन्हें करीब 14 करोड़ 45 लाख रुपये में खरीदे जाते हैं। ज्यादातर चीन, कोरिया के अरबपतियों द्वारा ये प्राणी खरीदे जाते हैं। ये लोग मानते हैं कि इसकी जीभ से बनी दवाई से एचआईवी ठीक हो सकती है।