फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maha Kumbh 2025: क्या है संगम नोज? महाकुंभ में जहां मची भगदड़, जानिए इसके बारे में...

Thu, 30 Jan 2025 06:08 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Maha Kumbh 2025: महाकुंभ में मौनी अमावस्या के मौके पर बुद्धवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ स्नान के लिए उमड़ पड़ी। इस दौरान देर रात संगट तट पर भगदड़ मच गई जिसमें 30 लोगों की मौत हो गई, तो वहीं 60 लोग घायल हो गए। 
विज्ञापन
1 of 5
क्या है संगम नोज? महाकुंभ में जहां मची भगदड़ - फोटो : अमर उजाला
Maha Kumbh 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में संगम तट पर दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला महाकुंभ चल रहा है। गंगा, युमना और सरस्वती नदी के संगम में पवित्र स्नान करने के लिए करोड़ों लोग पहुंच रहे हैं। महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी 2025 से हुई है, जो 26 फरवरी 2025 तक चलेगा। संगम में स्नान करने के लिए साधु-संतों के अलावा दुनियाभर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। महाकुंभ में करीब 45 करोड़ लोगों के पहुंचने की संभावना जताई गई है। 

महाकुंभ में मौनी अमावस्या के मौके पर बुधवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ स्नान के लिए उमड़ पड़ी। इस दौरान देर रात संगट तट पर भगदड़ मच गई जिसमें 30 लोगों की मौत हो गई, तो वहीं 60 लोग घायल हो गए। महाकुंभ में संगम नोज पर यह भगदड़ मची थी। अब सवाल यह है कि आखिर संगम नोज क्या है, जहां पर स्नान के लिए भारी भीड़ पहुंच रही है। 
 
विज्ञापन

2 of 5
क्या है संगम नोज? महाकुंभ में जहां मची भगदड़ - फोटो : PTI
संगम नोज क्या है?

दरअसल, इस स्थान का नाम आकार की वजह से संगम नोज पड़ा है। प्रयागराज में गंगा, युमना और सरस्वती नदी के तट पर संगम नोज को स्नान के लिए सबसे अधिक अहम स्थान माना जाता है। माना जाता है कि इसी स्थान पर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदी का संगम होता है। साधु-संत और आम लोग इसी जगह पर स्नान करते हैं। माना जाता है कि यहां पर स्नान करने का अधिक महत्व है। यह भी माना जाता है कि यहां स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। 
 
विज्ञापन

3 of 5
क्या है संगम नोज? महाकुंभ में जहां मची भगदड़ - फोटो : PTI
एक घंटे में यहां कितने लोग कर सकते हैं स्नान? 

हर बार संगम नोज क्षेत्र को बढ़ाया जाता है। इस बार भारी भीड़ को देखते हुए इस क्षेत्र को बढ़ा दिया गया था। महाकुंभ में यहां पर हर घंटे 2 लाख लोगों के स्नान करने की व्यवस्था की गई है। जानकारी के मुताबिक, पहले यहां पर हर घंटे 50 हजार लोगों के स्नान करने की व्यवस्था थी। जानकारी के मुताबिक, संगम नोज पर पहुंचने को लेकर भगदड़ मच गई, क्योंकि भारी भीड़ संगम नोज पहुंचना चाह रही थी। इसके बाद प्रशासन ने कई रास्तों को खोल दिया और भीड़ को डायवर्ट किया गया। इसके बाद स्थिति नियंत्रण में आई। 

Maha Kumbh 2025: महाकुंभ का सबसे पहले कब और कहां हुआ था आयोजन, जानिए कुंभ के इतिहास से जुड़े रहस्य

4 of 5
क्या है संगम नोज? महाकुंभ में जहां मची भगदड़ - फोटो : अमर उजाला
सीएम योगी और संतों की अपील 

भगदड़ के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और साधु संतों ने भी श्रद्धालुओं से अपील की है कि भक्त संगम नोज जाने से बचें और जहां पर मौजूद हैं उसी घाट पर स्नान कर लें। महाकुंभ मेला क्षेत्र में प्रशासन ने स्नान के लिए कई घाट बनाए हैं, लेकिन ज्यादा भीड़ संगम नोज पर ही स्नान के लिए जाती दिखती है। मौनी अमावस्या की भीड़ को देखते हुए लोगों से अन्य घाटों पर स्नान करने की अपील की गई है। 

Viral Video: महाकुंभ की भीड़ में महिला ने पति को खोने से बचाने के लिए लगाया ऐसा जुगाड़, वीडियो हुआ वायरल
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Yogi Adityanath - फोटो : Amar Ujala
''मां गंगा के जिस घाट के समीप हैं, वहीं स्नान करें''

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महांकुभ में आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है। उन्होंने कहा कि जो मां गंगा के जिस घाट के पास है, वहीं स्नान करे, संगम नोज की ओर जाने की कोशिश न करें। स्नान के लिए कई घाट बनाए गए हैं। कहीं भी स्नान किया जा सकता है। प्रशासन के निर्देश का अनुपालन करें. व्यवस्था बनाने में सहयोग करें। लोग किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें