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धरती पर आज भी जीवित हैं भगवान विष्णु के ये दो अवतार, एक ने तो पांडवों को दी थी स्वर्ग जाने की सलाह

Thu, 28 Feb 2019 03:31 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला
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vishnu - फोटो : file photo
आमतौर पर लोग जानते हैं कि भगवान विष्णु के 10 अवतार हैं, इसीलिए उन्हें दशावतार भी कहा जाता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि भगवान विष्णु ने धरती पर अब तक 23 अवतार लिए हैं, जिसका उल्लेख श्रीमद्भागवत में मिलता है। इनमें जिन 10 अवतारों के बारे में हम जानते हैं वो भगवान विष्णु के मुख्य अवतार माने जाते हैं। 
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vishnu
भगवान विष्णु के 23 अवतार तो अब तक पृथ्वी पर अवतरित हो चुके हैं, जबकि उनका 24वां अवतार 'कल्कि अवतार' के रूप में होना बाकी है। पुराणों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के शंभल नामक स्थान पर विष्णुयशा नामक तपस्वी ब्राह्मण के घर भगवान कल्कि पुत्र रूप में जन्म लेंगे और देवदत्त नामक घोड़े पर सवार होकर संसार से पापियों का विनाश करेंगे और पुन: धर्म की स्थापना करेंगे। 
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Hanuman ji - फोटो : social media
संस्कृत का एक श्लोक है, "अश्वत्थामा बलिव्यासो हनूमांश्च विभीषिण:। कृप: परशुरामश्च सप्तएतै चिरजीविन:।। सप्तैतान् संस्मरेन्नित्यं मार्कण्डेययाष्टमम्। जीवेद्वर्षशतं सोपिसर्वव्याधि विवर्जित:।।" इसका अर्थ ये है कि अश्वत्थामा, बलि, महर्षि वेदव्यास, हनुमान, विभीषण, कृपाचार्य, परशुराम और ऋषि मार्कण्डेय ये आठ लोग संसार में अमर हैं। 

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Maharishi Vedvyas - फोटो : Social media
मान्यता है कि भगवान विष्णु के दो अवतार धरती पर आज भी जीवित हैं। श्रीमद्भागवत के अनुसार, महर्षि वेदव्यास भगवान विष्णु के 19वें अवतार हैं। वे महाज्ञानी महर्षि पराशर के घर पुत्र के रूप में प्रकट हुए थे। इन्होंने ही मनुष्यों की आयु और शक्ति को देखते हुए वेदों के विभाग किए थे, इसलिए इन्हें वेदव्यास कहा जाता है। महर्षि वेदव्यास ने ही पांडवों को स्वर्ग की यात्रा करने की सलाह दी थी। 
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Lord Parshuram - फोटो : Social media
भगवान विष्णु के जिस दूसरे अवतार को धरती पर जीवित माना जाता है, उनका नाम है परशुराम। इन्हें भगवान विष्णु का 18वां अवतार माना जाता है। अपने पिता की मृत्यु का बदला लेने के लिए परशुराम ने 21 बार धरती को क्षत्रियविहीन कर दिया था। 
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