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दुनिया का एक ऐसा देश, जहां अकाल पड़ने पर लोग खाने लगे थे इंसानों का ही मांस

Fri, 15 Jan 2021 11:45 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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यूक्रेन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
यूक्रेन एक बहुत ही खूबसूरत और प्राचीन देश है, जो पूर्वी यूरोप में स्थित है। इसकी सीमाएं कई देशों से मिलती हैं, जैसे पूर्व में रूस, उत्तर में बेलारूस, पोलैंड और स्लोवाकिया, पश्चिम में हंगरी, दक्षिणपश्चिम में रोमानिया और माल्दोवा और दक्षिण में काला सागर और अजोव सागर। वैसे तो कीव इस देश की राजधानी है और यहां का सबसे बड़ा शहर भी, लेकिन यहां की सबसे खास बात ये है कि कीव को 'खूबसूरत महिलाओं का शहर' भी कहा जाता है। यूक्रेन की और भी कई रोचक बातें हैं, जिनके बारे में जानकर आप भी हैरान हुए बिना नहीं रहेंगे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
भले ही शराब को दुनियाभर के कई देशों में गलत माना जाता हो, लेकिन यहां के लोगों के लिए शराब पीना किसी परंपरा से कम नहीं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी दुनिया में शराब के खपत के मामले में यूक्रेन छठे स्थान पर है। अगर आंकड़ों में देखें तो यहां प्रति व्यक्ति हर साल लगभग 14 लीटर की दर से शराब की खपत होती है।
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आर्सेनल्ना रेलवे स्टेशन - फोटो : सोशल मीडिया
आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया का सबसे गहराई में बना रेलवे स्टेशन यूक्रेन में ही स्थित है, जिसे 'आर्सेनल्ना मेट्रो स्टेशन' के नाम से जाना जाता है। यह स्टेशन जमीन से 105.5 मीटर यानी 346 फीट की गहराई में स्थित है।

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ट्रेंबिटा वाद्ययंत्र - फोटो : सोशल मीडिया
यूक्रेन के लोगों को संगीत से भी बहुत लगाव है। यहीं वजह है कि दुनिया का सबसे लंबा संगीत वाद्ययंत्र इसी देश में बनता है। यह लकड़ी से बनाए गए सींग के आकार का होता है, जिसे 'ट्रेंबिटा' कहा जाता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अधिकतर देशों में कपल शादी के वक्त बाएं हाथ में वेडिंग रिंग पहनाते हैं जबकि यूक्रेन में ऐसा नहीं है। यहां के लोग ठीक इसके उलट दाएं हाथ में वेडिंग रिंग पहनाते हैं। यह यहां की परंपरा में शुमार है।
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हाथ में अनाज लिए लड़की का पुतला (यूक्रेन) - फोटो : सोशल मीडिया
1932-33 में यूक्रेन (तब यूक्रेन सोवियत संघ का हिस्सा था) में भयंकर अकाल पड़ा था, जिसमें लाखों लोग मारे गए थे। कहते हैं कि अकाल के दौरान इतनी भूखमरी फैली थी कि इंसान ही इंसान का मांस खा जा रहे थे। तब लगभग 2500 लोगों को नरभक्षण के लिए गिरफ्तार किया गया था।
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