पहली बार शीशे में अपना चेहरा किसने देखा? (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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बात की जाए 1835 की, तो शुरुआती दौर के आईने जो बेहद दुर्लभ थे, ये दर्पण पॉलिश किए गए ओब्सीडियन से बने होते थे। जानकारी के अनुसार, इस तरह के दर्पण का इस्तेमाल आज से करीब 8,000 साल पहले एनाटोलिया (Anatolia) में किया जाता था, जिसे अब तुर्की के नाम से जाना जाता है। साथ ही प्राचीन मेक्सिको के लोग भी इसी तरह के शीशे का इस्तेमाल करते थे। रोचक बात ये है कि उस दौर में आईनों को जादुई उपकरण माना जाता था, जिसके जरिए देवताओं और उनके पूर्वजों की दुनिया को भी देखा जा सकता था।