प्रवासी पक्षी
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जिस पेड़ पर इन पक्षी के बच्चे रहते हैं, उसके नीचे नीचे पशु बांधे जाते हैं, ताकि कोई जानवर पेड़ पर चढ़कर अंडों को नुकसान न पहुंचा सके। ये प्रवासी पक्षी भी गांव के लोगों के साथ रिश्ते को बखूबी निभाते हैं। बता दें कि यह गांव कुछ समय पहले एक किलाेमीटर दूर सिमसा नदी के तट पर था, लेकिन प्लेग की वजह से गांव ने अपना जगह बदल लिया। पक्षी भी गांव वालों के नए जगह पर आकर रहने लगी। बता दें कि पक्षियों का मुख्य भोजन मछली है, जिसके लिए अब उन्हें नदी तट तक उड़कर जाना पड़ता है।