प्रतीकात्मक तस्वीर
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हिरोमित्सू नकॉची और उनकी टीम पहले चूहों के एंब्रियो में मानव कोशिकाएं विकसित करेंगे, फिर उस एंब्रियो को सरोगेट जानवरों के गर्भ में प्रत्यारोपित कर देंगे। बता दें कि इस प्रयोग का मकसद इंसानी शिशु बनाना नहीं, बल्कि ऐसे पशु तैयार करना है, जिनके शरीर के अंग मानव कोशिकाओं से बने हों। जरूरत पड़ने पर इन जानवरों के अंगों को इंसानों में प्रत्यारोपित किया जा सकता है।