फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jallikattu Festival 2021: सज- धज कर तैयार हुए सांड, माथे पर लगाया गया टीका और पहनाई गई माला

Thu, 14 Jan 2021 04:48 PM IST
योगेश जोशी फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
Jallikattu Festival 2021 - फोटो : social media
मकर संक्रांति के पावन दिन तमिलनाडु के मदुरै में जलीकट्टू त्योहार की धूम मची हुई है। आज इस त्योहार में सांडों का खेल चल रहा है। इस खेल में स्थानीय युवक सांडों को वश में करने का प्रयास करते हैं। इस खेल के लिए सांडों को खूब सजाया जाता है। आज सुबह ही सांडों को सजा दिया गया था। सांडों के माथे पर टीका लगाया गया है और सांडों को फूलों की माला भी पहनाई गई।
विज्ञापन

2 of 5
Jallikattu Festival 2021 - फोटो : social media
तमिलनाडु का परंपरागत खेल...
  • जलीकट्टू तमिलनाडु के ग्रामीण इलाकों का परंपरागत खेल है। ये खेल पोंगल त्योहार पर आयोजित किया जाता है। पिछले साल मदुरै में जलीकट्टू त्योहार में 700 सांडों ने हिस्सा लिया था।
विज्ञापन

3 of 5
Jallikattu Festival 2021 - फोटो : social media
पोंगल पर्व के तीसरे दिन मवेशियों की पूजा की जाती है
  • तमिलनाडु में पोंगल त्योहार का पावन पर्व बड़े ही धूम- धाम से मनाया जाता है। पोंगल के दौरान ही ये खेल भी खेला जाता है। इस खेल को जलीकट्टू मट्टू के नाम से जाना जाता है। तमिल भाषा में मट्टू का मतलब बैल या सांड से होता है। पोंगल पर्व के तीसरे दिन मवेशियों की पूजा की जाती है।

4 of 5
Jallikattu Festival 2021 - फोटो : social media
2500 सालों से खेला जाता है ये खेल
  • तमिलनाडु में जलीकट्टू करीबन 2500 सालों से मनाया जाता है। इस खेल के दौरान सांडों के सींगों में सिक्के या नोट फंसाएं जाते हैं। फिर सांडों को भीड़ में छोड़ दिया जाता है। इस खेल को खेलने वाले लोग सांडों को काबू करने की कोशिश करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Jallikattu Festival 2021 - फोटो : social media
सांडों को भड़काने के लिए किया जाता है ये काम
  • सांड़ों को भड़काने के लिए सांडों को शराब पिलाई जाती है या फिर उनकी आंखों में मिर्च डाली जाती है। इस खेल के दौरान सांड़ों की पूंछ को भी मरोड़ दिया जाता है, ताकि वो तेज भाग सकें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें