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Earthquake: क्या भारत में भी आ सकता है म्यांमार जैसा भूकंप? आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक ने कह दी ये बड़ी बात

Wed, 02 Apr 2025 12:17 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Earthquake: म्यांमार और बैंकॉक में भूकंप से भारी तबाही मची है। इस भूंकप की मूल वजह सागाइंग फॉल्ट है। आईआईटी कानपुर के अर्थ साइंसेज विभाग के प्रोफेसर जावेद मलिक ने कहा कि सागाइंग फॉल्ट बेहद खतरनाक है।
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क्या भारत में भी आ सकता है म्यांमार जैसा भूकंप? - फोटो : Freepik
Earthquake: म्यांमार और बैंकॉक में भूकंप से भारी तबाही मची है। इस भूंकप की मूल वजह सागाइंग फॉल्ट है। आईआईटी कानपुर के अर्थ साइंसेज विभाग के प्रोफेसर जावेद मलिक ने कहा कि सागाइंग फॉल्ट बेहद खतरनाक है। सिलिगुड़ी में गंगा-बंगाल फॉल्ट है। इन दोनों फॉल्ट के बीच कई अन्य फॉल्टलाइंस हैं। ऐसे में इस आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है कि एक फॉल्ट की सक्रियता किसी दूसरे फॉल्ट को ट्रिगर न कर दे। इससे भारत को भी खतरा है।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोफेसर जावेद मलिक ने कहा कि सागाइंग एक बेहद पुराना फॉल्ट है। उन्होंने बताया कि उत्तर पूर्व का शियर जोन अराकान से अंडमान और सुमात्रा तक के सबडक्शन जोन का एक हिस्सा है। जमीन के ऊपर सगाइंग फॉल्ट नजर आता है। सागाइंग पर जापान के और यूरोप के विशेषज्ञों ने काम किया है। अध्ययनों से जानकारी मिलती है कि यहां भूकंपों की आवृत्ति 150-200 साल है, यानी इतने वर्ष में एक बार शक्तिशाली भूंकंप आता है। 
 
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क्या भारत में भी आ सकता है म्यांमार जैसा भूकंप? - फोटो : Freepik
जोन-5 पर ज्यादा शोध की जरूरत 

प्रो. मलिक ने कहा कि बड़े भूकंपों का इंतजार नहीं करना चाहिए। हिमालय में कई सक्रिय फॉल्ट लाइनें हैं। सभी ने फ्रंटल पार्ट्स पर काम किया है, लेकिन ऊपर भी फॉल्ट लाइनें हैं। सिर्फ हमें 
प्लेट सीमा के आसपास भूकंप नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर-पूर्व और कश्मीर जोन-5 में हैं। इस क्षेत्र में ज्यादा शोध की जरूरत है। इस क्षेत्र में हमें ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। भूकंपों के प्रभाव को कम करने के लिए काम करना चाहिए। 

 
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क्या भारत में भी आ सकता है म्यांमार जैसा भूकंप? - फोटो : Freepik
बेहद महत्वपूर्ण है गंगा-बंगाल फॉल्ट

गंगा-बंगाल फॉल्ट बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें सागाइंग फॉल्ट जैसी हलचल है। गंगा-बंगाल और सगाइन फॉल्ट के बीच डॉकी, कोपली, डिबरूचौतांग फॉल्ट जोन भी स्थित हैं हैं। गंगा-बंगाल फॉल्ट भी सतह पर नजर आता है। सागाइंग फॉल्ट एक सक्रिय फॉल्ट है जो म्यांमार में भूकंप की वजह बना है। यह भारत के लिए एक इशारा हो सकता है। 

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क्या भारत में भी आ सकता है म्यांमार जैसा भूकंप? - फोटो : Freepik
प्रो. मलिक ने कहा कि यह नहीं कहा जा सकता है कि सागाइंग और गंगा-बंगाल के बीच कुछ नहीं हो रहा है। पूरा क्षेत्र दबाव में है और वहां लगातार ऊर्जा जमा हो रही है। इससे इंकार नहीं किया जा सकता कि एक भूकंप दूसरे भूकंप को संक्रिय नहीं कर सकता। इसे 'ट्रिगर स्ट्रेस' कहा जाता है। यहां यह देखने की जरूरत है कि क्या उत्तर से दक्षिण की ओर ऐसी गतिविधियां बढ़ी हैं। 

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जानिए आखिर क्यों बार-बार आते हैं भूकंप? - फोटो : Freepik
प्रो. मलिक ने कहा कि साल 2004 में सुमात्रा, अंडमान में एक भूकंप आया था। इस इलाके के दक्षिण में 2005 में भूकंप आया था। अब ऊपर की तरफ भूकंप आने लगे हैं। ट्रिगर होने की आशंका हमेशा रहती है।
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