अकबर चर्च
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आगरा में दिखता था क्रिसमस का रंग
वह कहते थे, "यह एक महानगर था जिसमें इटली के सुनार, पुर्तगाल और डच के जहाज के मालिक थे। फ्रांस के पर्यटक, व्यापारी और मध्य एशिया एवं ईरान के कारीगरों समेत मध्य पूर्व के विद्वान आगरा का दौरा करते थे।" इतने विदेशियों के होने के कारण उन दिनों क्रिसमस एक बड़ी चीज हुआ करता था। फ्रांसिस्कन एनल्स बताते हैं कि "एक जनसमूह की खुशी पूरे शहर में फैली रहती थी।" बाजारों में त्योहार की छटा साफ दिखती थी। दिसंबर की सर्द हवा में बाजारों में रंग बिरंगे मेहराब, बैनर और कई देशों के झंडे लहराते दिखते थे। "तुरही, शहनाई बजती थी, पटाखे फूटते थे और चर्च का घंटा बजता था।"