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Holi 2025: होली के दिन इस गांव में दामाद को गधे पर बैठाकर घुमाया जाता है, जानिए क्या है इसके पीछे की वजह

Fri, 14 Mar 2025 01:15 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Holi 2025: भारत में होली (Holi 2025) का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। देश में रंगों का त्योहरा होली के अलग-अलग रंग देखे जाते हैं। अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग तरीकों से होली मनाई जाती है। देश के कई हिस्सों में बेहद अनोखे तरीके से होली मनाई जाती है।
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होली के दिन इस गांव में दामाद को गधे पर बैठाकर घुमाया जाता है - फोटो : Adobe Stock
Holi 2025: भारत में होली (Holi 2025) का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। देश में रंगों का त्योहरा होली के अलग-अलग रंग देखे जाते हैं। अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग तरीकों से होली मनाई जाती है। देश के कई हिस्सों में बेहद अनोखे तरीके से होली मनाई जाती है। भारत के एक गांव में बेहद अजीबगरीब होली मनाई जाती है जिसके बारे में जानकर आप हैरान हो जाएंगे। आइए हम आपको इस अनोखी होली और जगह के बारे में बताते हैं...

महाराष्ट्र (Maharashtra) के बीड जिले के एक गांव में बेहद अनोखी तरीके से होली मनाई जाती है। इस गाव में होली (Holi) के दिन दामाद को गधे पर बैठाकर घुमाया जाता है। इस परंपरा का पालन यहां के लोग सालों से करते आ रहे हैं। होली के दिन लोगों ने गांव के सबसे नए दामाद को गधे पर बैठाकर घुमाने की पंरपरा है। दामाद को उसकी पसंद के कपड़े पहनाए जाते हैं।
 
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इस गांव में मनाई जाती है अजीबोगरीब होली - फोटो : Adobe Stock
सालों से हो रहा परंपरा का पालन

सबसे हैरानी वाली बात यह है कि इस गाव में अनोखी पंरपरा का पालन 90 साल से किया जा रहा है। गांव में होली के दिन लोग अपने सबसे नए दामाद को घर आने का निमंत्रण देते हैं। बीड की केज तहसील के विडा गांव में इस अनोखी पंरपरा का पालन किया जाता है। दामाद को गधे की सवारी करते हुए देखने के लिए आसपास और दूरदराज के लोग आते हैं। 
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सालों से हो रहा परंपरा का पालन - फोटो : Adobe Stock
होली खेलने के लिए खोजा जाता है नया दामाद

बीड जिले के विडा गांव में होली से पहले सबसे नए दामाद की खोजी की जाती है जिसकी नई-नई शादी हुई हो। इस काम में तीन से चार दिन लग जाता है। यह अनोखी परंपरा का पालन गांव के दामाद के साथ किया जाता है। होली के दिन दामाद को गधे पर बैठाकर रंग लगाया जाता है और फिर सैर कराया जाता है। इसके अलावा लोग दामाद को गिफ्ट भी देते हैं। 

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होली खेलने के लिए खोजा जाता है नया दामाद - फोटो : Adobe Stock
क्यों करते हैं अनोखी परंपरा का पालन? 

कहा जाता है कि करीब 90 साल पहले बीड जिले के विडा येवता गांव में एक देशमुख परिवार रहता था। इस परिवार के दामाद ने होली के दिन रंग लगवाने से इंकार कर दिया। इसके बाद उसके ससुर ने रंग लगाने के लिए मनाया। इसके बाद उन्होंने फूलों से सजा एक गधा मंगवाया और उस पर दामाद को बैठाकर पूरे गांव में घूमाया। तब से ही यह परंपरा चली आ रही है।

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क्यों करते हैं अनोखी परंपरा का पालन - फोटो : Adobe Stock
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि आनंदराव देशमुख नाम के शख्स ने इस परंपरा की शुरुआत की थी। उन्होंने अपने दामाद के साथ सबसे पहले ऐसी अनोखी होली मनाई थी। बताया जाता है कई बार लोग दामाद को मजाक में गधा गिफ्ट में दे देते हैं और उस पर बैठाते हैं। इसके अलावा उनके पसंद के कपड़े भी दिए जाते हैं। हालांकि, इस साल किसी वजह से यह परंपरा नहीं निभाई जाएगी। 
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