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मंदिर में जाने से पहले क्यों बजाते हैं घंटी? वजह हैरान कर देगी आपको

Thu, 28 Mar 2019 01:52 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला
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मंदिर की घंटी - फोटो : Social media
आमतौर पर लोग मंदिर में घुसने से पहले वहां लगी घंटियों को जरूर बजाते हैं। उसके बाद ही वो भगवान के दर्शन करते हैं। हिंदू धर्म में मंदिरों के बाहर घंटी लगाने की परंपरा सदियों पुरानी है, लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर मंदिर में जाने से पहले घंटी क्यों बजाते हैं? इसकी वजह बेहद ही खास है। 
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मंदिर की घंटी - फोटो : Social media
सुबह-शाम मंदिरों में जब पूजा-आरती की जाती है तो एक विशेष लय और धुन के साथ छोटी-बड़ी घंटियां बजाई जाती हैं। मान्यता है कि घंटी बजाने से मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की मूर्तियों में चेतना जागृत होती है, जिसके बाद उनकी पूजा और आराधना अधिक फलदायक और प्रभावशाली बन जाती है।  
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मंदिर की घंटी - फोटो : Social media
पुराणों के अनुसार, मंदिर में घंटी बजाने से इंसान के कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। कहते हैं कि जब सृष्टि का प्रारंभ हुआ, तब जो नाद (आवाज) गूंजी थी, वही आवाज घंटी बजाने पर भी आती है। घंटी उसी नाद का प्रतीक है। 

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धरती पर प्रलय - फोटो : Social media
मंदिर के बाहर लगी घंटी या घंटे को काल का प्रतीक भी माना गया है। ऐसा माना जाता है कि जब धरती पर प्रलय आएगा, उस समय भी घंटी बजाने जैसा ही नाद वातावरण में गूंजेगा।  
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मंदिर की घंटी - फोटो : Social media
मंदिर में घंटी लगाए जाने के पीछे न सिर्फ धार्मिक कारण है बल्कि वैज्ञानिक कारण भी हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, जब घंटी बजाई जाती है तो वातावरण में कंपन पैदा होता है, जो वायुमंडल के कारण काफी दूर तक जाता है। इस कंपन का फायदा यह है कि इसकी सीमा में आने वाले सभी जीवाणु, विषाणु और सूक्ष्म जीव आदि नष्ट हो जाते हैं, जिससे मंदिर और उसके आसपास का वातावरण शुद्ध हो जाता है। 
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मंदिर की घंटी - फोटो : Social media
कहते हैं कि जिन जगहों पर घंटी बजने की आवाज नियमित आती है, वहां का वातावरण हमेशा शुद्ध और पवित्र बना रहता है। यह भी माना जाता है कि घंटी बजाने से नकारात्मक शक्तियां हटती हैं, जिससे लोगों के समृद्धि के द्वार खुल जाते हैं। 
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