प्रतीकात्मक तस्वीर
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दरअसल, इंग्लैंड के रहने वाले माइकल डायमंड को दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान नाजी कैंप में कैदी रहे एक व्यक्ति की वेंट्रिलोक्विस्ट गुड़िया मिल गई, जिसका नाम मिस्टर फ्रित्ज है। माइकल ने मिस्टर फ्रित्ज को एक ग्लास कैबिनेट में संभाल कर रख दिया। लेकिन इस गुड़िया की कुछ गतिविधियों के कारण माइकल हैरान हो गए। उन्होंने गौर किया कि रात के समय उस कैबिनेट का दरवाजा अपने आप खुल जाता था जिसमें मिस्टर फ्रित्ज को रखे थे। माइकल रोज सुबह दरवाजे को फिर से बंद कर देते थे।