गूगल ने डूडल बनाकर जियोलॉजिस्ट मैरी थार्प को किया याद
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Marie Tharp Google Doodle: गूगल बड़ी हस्तियों को याद करने के लिए समय-समय डूडल बनाता है। आज गूगल ने डूडल के जरिए अमेरिकन जियोलॉजिस्ट मैरी थार्प को याद किया है। कांग्रेस पुस्तकालय ने आज के ही दिन यानी 21 नवंबर 1998 में मैरी थार्प को 20वीं शताब्दी के महानतम चित्रकारों में नामित किया था। मैरी थार्प के उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए गूगल ने एक एनिमेडेट वीडियो बनाया है।
मैरी थार्प जियोलॉजिस्ट के साथ ही समुद्र विज्ञान मानचित्रकार (Oceanographic Cartographer) भी हैं। उन्होंने समुद्र तल का पहला वर्ल्ड मैप पब्लिश किया था। उन्होंने महाद्वीपीय बहाव के सिद्धांतों को साबित करने में सहायता की है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 1950 में की थी। इस समय तक धरती के ज्यादातर इलाकों का मैप बन गया था, लेकिन महासागरों को लेकर किसी के पास अधिक जानकारी नहीं थी। इसके बाद मैरी ने काफी रिसर्च किया और समुद्र तल का पहला वर्ल्ड मैप पब्लिश किया।
जानिए कैसे बनाया वर्ल्ड मैप
गूगल ने अपने सर्च पेज के माध्यम से बताया है कि मैरी थार्प ने वर्ल्ड मैप को कैसे बनाया। हेजेन ने अटलांटिक महासागर में महासागर-गहराई का डेटा इकट्ठा किया। थार्प ने रहस्यमयी समुद्र तल के नक्शे को बनाने के लिए इस डेटा का इस्तेमाल किया। इको साउंडर्स के नए निष्कर्षों से मध्य-अटलांटिक रिज की खोज करने में उनको मदद मिली।
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इसके बाद थार्प और हेजेन ने एक साथ साल 1957 में उत्तरी अटलांटिक में समुद्र तल का पहला नक्शा पब्लिश किया। नेशनल ज्योग्राफिक द्वारा थार्प और हेजेन के "द वर्ल्ड ओशन फ्लोर" शीर्षक से पूरे महासागर तल के पहला विश्व मानचित्र को पब्लिश किया गया। साल 1995 में थार्प ने अपने पूरे मैप कलेक्शन को लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस को दान दे दिया।
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30 जुलाई, 1920 को मैरी थार्प का यप्सिलंती, मिशिगन में जन्म हुआ था। थार्प के पिता अमेरिकी कृषि विभाग में काम करते थे। मिशिगन विश्वविद्यालय में थार्प ने पेट्रोलियम भूविज्ञान में मास्टर डिग्री के लिए पवेश लिया। इसके बाद वह साल 1948 में वह न्यूयॉर्क चली गईं। वह लैमोंट जियोलॉजिकल ऑब्जरवेटरी में काम करने वाली पहली महिला बन गईं। यहीं पर उनकी मुलाकात जियोलॉजिस्ट ब्रूस हेजेन से हुई।