प्रतीकात्मक तस्वीर
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हाल ही में अमेरिका के वैज्ञानिकों का एक समूह तिब्बत में ग्लेशियर के भीतर दफन वायरसों पर शोध करने के लिए गया। उन्होंने वहां से सैंपल एकत्रित किए और रिसर्च में पाया कि जिस ग्लेशियर का उन्होंने सैंपल लिया था, उसमें 28 प्रकार के जिंदा वायरस थे, जो कि 15 हजार सालों से बर्फ के अंदर दफन थे। वैज्ञानिकों ने इस अनुसंधान के बाद बताया कि ये बहुत ही खतरनाक वायरस हैं। ये अलग-अलग तरह की जलवायु में भी जीवित रहने में सक्षम हैं। ऐसे में कल को अगर ये सक्रिय होते हैं, तो परिणाम काफी भयंकर होंगे। इनके वजह से लाखों लोगों की जान जा सकती हैं। हम इनसे लड़ने के लिए अभी तैयार नहीं हैं।