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अंतरिक्ष में कौन-कौन से काम नहीं कर सकते इंसान? हैरान रह जाएंगे ये जानकर आप

Wed, 13 Feb 2019 07:41 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला
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Astronaut - फोटो : Social media
अंतरिक्ष हमेशा से इंसानों के लिए एक कौतूहल का विषय रहा है। प्राचीन समय में भी अंतरिक्ष से जुड़े कई रहस्यों का पता लगाया गया था, लेकिन तब अंतरिक्ष में जाना शायद संभव नहीं था। यह संभव हो पाया 12 अप्रैल, 1961 को, जब सोवियत संघ के यूरी गगारिन ने वोस्तोक-1 यान में बैठकर धरती का चक्कर लगाया था और सुरक्षित धरती पर वापस भी लौट आए थे। वो अंतरिक्ष में पहुंचने वाले पहले इंसान थे। 
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स्पेसक्राफ्ट - फोटो : SELF
हालांकि इंसानों को भेजने से पहले लाइका नामक एक कुतिया को अंतरिक्ष में भेजा गया था। उसने 13 नवंबर, 1957 को स्पूतनिक सेकंड यान में बैठकर धरती का चक्कर लगाया था। हालांकि वह धरती पर जिंदा वापस नहीं आ पाई थी। 
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Astronaut Bruce McCandless - फोटो : Social media
फरवरी 1984 में अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री ब्रूस मैक्कैंड्लेस यान से निकलकर अंतरिक्ष में विचरण करने वाले पहले इंसान बने थे। वो चैलेंजर नामक अंतरिक्ष यान से बाहर निकलकर 300 फीट तक चले थे। 

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Mark Lee and Jan Davis - फोटो : Time Magazine
जेन डेविस और मार्क ली अंतरिक्ष में एक साथ जाने वाले पहले कपल (दंपति) हैं। साल 1992 में वो दोनों स्पेस शटल इंडीवर के चालक दल में शामिल थे। 
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astronaut vladimir komarov - फोटो : Social media
रूसी अंतरिक्ष यात्री व्लादिमीर कोमारोव अंतरिक्ष यात्रा के दौरान मरने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति थे। 23 अप्रैल, 1967 को अंतरिक्ष की अपनी दूसरी यात्रा के दौरान वापसी में स्पेसक्राफ्ट के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से  उनकी मौत हो गई थी। 
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Astronaut Valentina Tereshkova - फोटो : Social media
वेलेनतिना तेरेश्कोवा अंतरिक्ष में पहुंचने वाली पहली महिला हैं। 16 जून, 1963 को तत्कालीन सोवियत संघ की वेलेनतिना ने वोस्तोक 6 यान की पायलट के रूप में अंतरिक्ष में पहुंचने वाली प्रथम महिला होने का गौरव प्राप्त किया था। 
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Astronaut John Glenn - फोटो : NASA
अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री जॉन ग्लेन दुनिया के सबसे बुजुर्ग अंतरिक्ष यात्री थे। उन्होंने साल 1996 में 77 वर्ष की उम्र में स्पेस शटल डिस्कवरी पर जाकर सबसे बुजुर्ग अंतरिक्ष यात्री होने का रिकॉर्ड बनाया था। 

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space
अगर किसी इंसान को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के अंतरिक्ष में छोड़ दिया जाए तो वह सिर्फ दो मिनट तक ही जीवित रह पाएगा। दरअसल स्पेस हवा का दबाव नहीं होता है, ऐसे में बिना किसी सुरक्षा उपकरण के अगर कोई इंसान अंतरिक्ष में जाएगा तो उसका शरीर फट जाएगा। 

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Astronaut - फोटो : Social media
अगर कोई इंसान अंतरिक्ष में चिल्लाएगा तो भी पास खड़े लोग उसकी आवाज नहीं सुन पाएंगे, क्योंकि वहां पर आपकी आवाज को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का कोई माध्यम नहीं होता है। 

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Astronaut eating in space - फोटो : Social media
अंतरिक्ष में कोई इंसान चाह कर भी रो नहीं सकता, क्योंकि गुरुत्वाकर्षण न होने के कारण उसके आंसू नीचे ही नहीं गिरेंगे। इसके अलावा अंतरिक्ष यात्री अपने भोजन पर नमक या मिर्च भी नहीं छिड़क सकते हैं। वो भोजन भी द्रव्य के रूप में लेते हैं, क्योंकि गुरुत्वाकर्षण न होने के कारण सूखे भोजन हवा में तैरने लगेंगे और इधर-उधर टकराने के साथ ही वो अंतरिक्ष यात्री की आंख में भी घुस सकते हैं। 
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Astronaut sleeping in space - फोटो : NASA
अंतरिक्ष यान में यात्रियों का सोना काफी कठिनाई भरा होता है। अंतरिक्ष यात्री को सोने के लिए काफी मेहनत करनी होती है। उन्हें आंखों पर पट्टी बांध कर एक बंकर में सोना पड़ता है, ताकि वह तैरने और इधर-उधर टकराने से बच सकें। 
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