खूसट रवैया का प्रोत्साहन
एप्पल के स्टीव जॉब्स, अमेजॉन के जेफ बेज़ोस और टेस्ला के एलन मस्क जैसे कॉरपोरेट लीडर दफ्तरों में उदारता या दोस्ताना रवैये के लिए नहीं जाने जाते। उनकी पहचान सहयोगियों से ज्यादा काम लेने के लिए है। उन्होंने सफलता हासिल की, इसलिए उनके ये गुण असल में उनकी योग्यता कहलाने लगे। सहयोगियों के साथ खूसट रवैया यदि कामयाबी दिला दे तो उसकी भी तारीफ होने लगती है। जब लोग देखते हैं कि वे कंपनी के लिए ज्यादा वैल्यू क्रिएट कर रहे हैं और उनकी अपनी वैल्यू भी बढ़ रही है तो आलोचना की गुंजाइश खत्म हो जाती है। लेकिन रिसर्च के नतीजे अपनी जगह कायम हैं। रिसर्च यह साबित करते हैं कि कंपनी में सहयोगियों के साथ बुरा सलूक वित्तीय रूप से नुकसानदेह है। मिसाल के लिए कई काबिल लोगों ने, जिनमें कुछ सह-संस्थापक भी थे, एप्पल कंपनी को अलविदा कह दिया क्योंकि उन्हें स्टीव जॉब्स का मैनेजमेंट स्टाइल पसंद नहीं था।
उबर से ट्रैविस कलानिक को निकाले जाने से कुछ महीने पहले इंजीनियरिंग विभाग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, पॉलिसी एंड कम्युनिकेशंस के हेड, प्रोडक्ट एंड ग्रोथ के वाइस प्रेसिडेंट, मैप्स के वाइस प्रेसिडेंट और फाइनेंस विभाग के प्रमुख ने इस्तीफा दे दिया था। हैवलेट-पैकर्ड की पूर्व सीईओ कार्ली फिओरिना की इसलिए आलोचना होती है क्योंकि उन्होंने हजारों कर्मचारियों की छंटनी की और एग्जीक्यूटिव टैलेंट कंपनी से बाहर हो गया।