प्रतीकात्मक तस्वीर
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कैसे करें इस्तेमाल?
किसी फसल पर जैव नियंत्रकों के इस्तेमाल के तीन तरीके हैं- परंपरागत, संरक्षण और संवर्धित नजरिया। केन टोड परंपरागत जैव नियंत्रक के उदाहरण हैं (हालांकि खराब उदाहरण) जिसमें परिवेश में एक नई प्रजाति को पेश किया जाता है। जैव नियंत्रण का परंपरागत उपाय आक्रामक प्रजातियों के नियंत्रण के काम आता है। इसमें उस कीड़े की उत्पत्ति के क्षेत्र में जाकर उसके प्राकृतिक शत्रुओं की पहचान की जाती है और उन जीवों का चुनाव किया जाता है जो उस कीड़े को नियंत्रित करने में सबसे अधिक प्रभावी हैं।
वाइकहाइस कहते हैं, "हम ऐसे जीव को पेश नहीं करना चाहते जो अन्य जीवों के लिए नुकसानदेह हों। हम एक प्रभावी जैव नियंत्रक को चुनते हैं जो अपने शिकार पर ही वार करे।" वैकल्पिक तौर पर, संरक्षण वादी नजरिये में उसी क्षेत्र के शिकारी जीवों को बढ़ावा दिया जाता है। बंदगोभी की खेती के एक अध्ययन में पाया गया कि जहां खेत के चारों ओर चरागाह थे वहां बंदगोभी खाने वाले कीड़े कम थे। शोधकर्ताओं के मुताबिक इसकी वजह उस परिवेश में मौजूद परजीवी ततैये थे।
कुछ अन्य मामलों में चरागाह होने से एफिड और पिस्सू गुबरैले बढ़ गए। इसलिए यह जरूरी नहीं कि घास के मैदान बढ़ा देने से कीड़ों की तादाद घट जाएगी। इस तरह से उन कीड़ों को ही नियंत्रित किया जा सकता है जो स्थानीय परिवेश वाले हैं। परंपरागत जैव नियंत्रकों की तरह, कई तरह के कीड़ों की प्रजातियों को पर्यावरण में इंसान ही लेकर आया है। जब एक देश दूसरे देशों से बीज और फसल मंगाता है तो उसके साथ कीड़ों का चले आना आम बात है। नये परिवेश में प्राकृतिक शिकारियों की गैर मौजूदगी में वे तेजी से बढ़ते हैं।
संवर्धित तरीके में किसी रोगजनक या परजीवी को खेतों में एक खास समय पर छोड़ा जाता है- जब कीड़े प्रजनन शुरू करते हैं या अंडे देते हैं या फिर कीड़ों के आने से पहले, ताकि उनकी तादाद बढ़ने से पहले ही खतरे को खत्म कर दिया जाए। इसका फायदा यह है कि आप कीड़ों से निपटने के तरीके में बहुत विशिष्ट हो सकते हैं। वाइकहाइस कहते हैं, "संवर्धित नियंत्रण यूरोप के ग्रीनहाउस सेक्टर में बहुत लोकप्रिय है। कुछ क्षेत्रों में कीटनाशकों का प्रयोग शून्य है।"
ग्रीनहाउस में दशकों से जैव नियंत्रण हो रहा है, तब भी जब रासायनिक कीटनाशकों का जोर था। बंद घेरे में यह काम ज्यादा आसान है। शिकारी जैव नियंत्रकों के दूर जाने का खतरा नहीं होता। यह भी एक तथ्य है कि ग्रीनहाउस में पैदा होने वाली फसलों का मूल्य अधिक होता है।