पृथ्वी की सबसे ऊपरी परत देखने में भले ही एक सी लगती है, लेकिन वास्तव में ये बहुत सी प्लेटों से मिलकर बनी होती है, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट (Tectonic plates) कहा जाता है। गजब की बात तो ये है कि ये प्लेट किसी ठोस चीज पर नहीं रखी हैं, बल्कि एक पेस्ट जैसी नाजुक पदार्थ पर रखी हैं। इसकी वजह से इन प्लेटों में निम्न स्खलन या सबडक्शन (Subduction) गतिविधि होती है। ये ही बड़े-बड़े भौगोलिक बदलावों का कारण है। ताजा शोध के मुताबिक, दावा किया जा रहा है कि टेक्टोनिक प्लेट्स में सबडक्शन यानी टकराव, खिंचाव, घर्षण करीब 250 से 400 करोड़ साल पहले हुआ था। इसके सबूत चीन में एक अनोखी चट्टान से मिले हैं। ये स्टडी हाल ही में नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में प्रकाशित की गई है।
टेक्टोनिक प्लेट्स होती क्या हैं?
पृथ्वी का बाहरी आवरण बड़े-बड़े टुकड़ों से बना होता है, जिसे टेक्टोनिक प्लेट कहा जाता है। ये प्लेट ठोस चट्टान का एक विशाल, स्लैब होता है।