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30 साल पहले तक इस गांव में रहते थे 200 लोग और अब है सिर्फ एक आदमी, लेकिन फिर भी नहीं है अकेला

Mon, 09 Sep 2019 02:58 PM IST
प्रशांत राय फीचर डेस्क, अमर उजाला
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- फोटो : social media
आज से तीस साल पहले रुस के सीमा पर मौजूद डोबरुसा गांव में लगभग दो सौ लोग रहते थे। लेकिन अब इस गांव में केवल एक व्यक्ति रहता है। बताया जाता है कि सोवियत संघ के टूटने से इस गांव के सभी लोग आस-पास मौजूद शहरों की ओर चले गए। किसी दूसरे जगहों पर बसने चले गए। जबकि कुछ लोगों का निधन हो गया। जिससे इस गांव में केवल एक शख्स बचा है। लेकिन उसके रहन-सहन के तरीके को जानकर आप हैरान हो जाएंगे। 
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honey bee - फोटो : pexels.com
अंत में केवल लीन लोग बचे थे, जिसमें से एक दंपत्ति जेना और लिडा की बीते फरवरी में हत्या हो गई। इसके बाद इस गांव में सिर्फ एक व्यक्ति गरीसा मुनटेन बचा। गरीसा मुनटेन के साथ वह भले ही अकेले रहते हैं। लेकिन उनके साथ बहुत से जीव रहते हैं। यानी गरीसा इस गांव में अकेले होने के बावजूद भी पांच कुत्ते, 9 टर्की पक्षी, दो बिल्लियां, 42 मुर्गियां, 120 बत्तखें, 50 कबूतर और कई हजार मधुमक्खियां के साथ अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। 
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- फोटो : Laetitia Vancon/The New York Times
गरीसा मुनटेन ने इस बारे में बताया कि उनके गांव के करीब 50 घर थे, लेकिन अब अधिकतर लोग सोवियत संघ के टूटने के बाद नजदीकी शहर मालडोवा, रुस या फिर यूरोप में जाकर बस चुके हैं। मुनटेन का कहना है कि अकेलापन आपको बहुत परेशान करता है। मुनटेन ने अपना अकेलापन दूसर करने के लिए ये खास उपाय अपनाया। 
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- फोटो : social media
मुनटेन ने बताया कि खेत में काम करने के दौरान वह पेड़ों से, पक्षियों से और जानवरों से बी बातें करते रहते हैं। गरीसा ने बताया कि उनसे बात करने के लिए यहां कोई नहीं है। 65 वर्षीय गरीसा मुनटेन के अनुसार पहले गांव के दूसरे छोर पर जेना और लिडा लोजिंस्की रहते थे और वह अक्सर उनसे फोन पर या मिलकर बातें करते रहते थे। लेकिन अब उनकी मौत के बाद वह बिल्कुल अकेले हो गए। 
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