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Diamond Rain Planet: इन दो ग्रहों पर हो रही हीरों की बारिश, जानिए क्या है इसके पीछे की वजह

Wed, 06 Jul 2022 11:18 AM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इन दो ग्रहों पर हो रही हीरों की बारिश - फोटो : iStock
Diamond Rain Planet: हमारी धरती रहस्यों से भरी पड़ी है, तो वहीं हमारा सौरमंडल भी एक तिलिस्मी दुनिया है। हमारे सौरमंडल में आठ ग्रह मौजूद हैं, लेकिन हमारा मंगल, बृहस्पति और शनि पर ज्यादा ध्यान रहता है। लेकिन सौरमंडल के बाहर कई अजीबोगरीब ग्रह हैं। जहां पर आए दिन रहस्यमयी घटनाएं देखने को मिलती हैं। अब ऐसी ही घटना हमारे सौरमंडल के दो ग्रहों पर दिखी है। धरती पर मानसून में झमाझम बारिश हो रही है, तो वहीं इन दो ग्रहों पर बेशकीमती हीरों की बरसात हो रही है। 

आपको जानकर इस बात पर यकीन नहीं हो रहा होगा, लेकिन यह पूरी तरह सच है। हमारे सौरमंडल में मौजूद इन दो ग्रहों का नाम नेप्टयून और यूरेनस है जहां पर यह चमत्कार हो रहा है। नेप्टयून और यूरेनस पर पानी की बारिश नहीं होती है बल्कि हीरे की बरसात होती है। आइए जानते हैं कि आखिर इन दो ग्रहों पर पानी की जगह हीरे की बारिश क्यों होती है?
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इन दो ग्रहों पर हो रही हीरों की बारिश - फोटो : iStock
जानिए क्यों हो रही है होरी की बारिश

दरअसर हमारी धरती पर बारिश के पानी का निर्माण हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की बूंदों से होता है जबकि कई ग्रहों पर पानी के बूंदे मोटी और भारी होती हैं। इनका निर्माण पानी की जगह कार्बन से होता है। इन ग्रहों पर कार्बन और हाइड्रोजन के बॉन्ड तापमान और दबाव की स्थिति चरम पर होने की वजह से टूट जाते हैं। इस वजह से ही हीरे की बारिश होती है।
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इन दो ग्रहों पर हो रही हीरों की बारिश - फोटो : iStock
इन ग्रहों पर सालों से होरी की बारिश हो रही है और यह प्लैनेट्स की बर्फीली सतह पर जमा हो रहे हैं। वैज्ञानिकों का दावा है कि इन दो गह्रों पर मौजूद स्थितियों की वजह से कार्बन परमाणुओं को इतना अधिक कठोर कर सकता है जिससे हीरे का निर्माण हो सके।

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इन दो ग्रहों पर हो रही हीरों की बारिश - फोटो : iStock
शोधकर्ता नाओमी रोवे-गर्नी का कहना है कि नेप्टयून और यूरेनस पर हीरे की बरसात होती है, लेकिन आप यह मत सोचिएगा कि धरती की तरह बारिश होती होगी। उनका कहना है कि किसी बादल में हीरे मौजूद नहीं रहते हैं, बल्कि यह एक वैज्ञानिक प्रक्रिया की वजह से बनते हैं। 
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इन दो ग्रहों पर हो रही हीरों की बारिश - फोटो : iStock
जानिए कैसे होता है हीरे की निर्माण 

नाओमी रोवे-गर्नी ने बताया कि यह दोनों ग्रह मीथेन गैस की वजह नीले रगं के दिखाई देते हैं। हम सभी जानते हैं कि मीथेन में कार्बन होता है। उनका कहना है कि नेप्टयून और यूरेनस पर वायुमंडलीय दबाव बहुत अधिक होने की वजह से कार्बन कई बार अलग हो जाता है। दबाव की वजह से क्रिस्टल का निर्माण होता है जो एक हीरा होता है। अगर ग्रह पर आप रहते और देखते तो यह हीरे की बारिश जैसा ही प्रतीत होता।
 
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