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मां नहीं बन पा रही थी महिला, फिर गर्भवती गायों को देखकर आया ऐसा आइडिया कि सुलझ गई सारी परेशानी

Mon, 25 Feb 2019 01:58 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला
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Lowri Jones and Cows - फोटो : North Wales Live / David Powell
मां बनना हर महिला की जिंदगी का एक सुखद अहसास होता है, लेकिन किसी कारणवश अगर वो गर्भवती नहीं हो पाती है या मिसकैरेज (गर्भपात) हो जाता है तो सबसे ज्यादा दुख उसी को होता है। ऐसी ही एक महिला है वेल्स की रहने वाली, जिसने अपनी प्रेग्नेंसी को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। उसका कहना है कि लगातार चार बार मिसकैरेज के बाद उसे लगा था कि अब वो मां नहीं बन पाएगी, लेकिन गर्भवती गायों पर आधारित एक प्रोग्राम ने उसकी जिंदगी ही बदल दी।  
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Lowri Jones Wales - फोटो : North Wales Live / David Powell
कॉन्वी टाउन की रहने वाली लॉरी जोन्स ने बताया कि पहली बार उसने साल 2011 में एक बेटे को जन्म दिया था, लेकिन इसके बाद से उसे प्रेग्नेंसी में दिक्कत होने लगी। जब भी वो गर्भवती होती, उसे काफी कमजोरी महसूस होने लगती या फिर बीमार पड़ जाती थी। इसकी वजह से उसका गर्भपात हो जाता था। उसने तमाम तरह से टेस्ट और इलाज कराए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। 
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Cows - फोटो : Social media
एक-एक कर महिला को चार बार मिसकैरेज का दर्द झेलना पड़ा। उसने बताया कि बाद में उसे ऐसा लगने लगा था, जैसे अब वो दोबारा कभी मां नहीं बन पाएगी। महिला ने बताया कि वो एक दिन घर पर ही बैठकर टीवी देख रही थी, जिसमें गर्भवती गायों पर एक फार्मिंग प्रोग्राम चल रहा था। उस प्रोग्राम में गायों की प्रेग्नेंसी और डिलिवरी को लेकर चर्चा चल रही थी। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर
फार्मिंग प्रोग्राम के दौरान बैठे मेहमान आपस में चर्चा कर रहे थे कि गाय के स्वस्थ बच्चे के लिए आयोडीन और थायोरॉक्सिन कितनी जरूरी है और इसकी कमी के चलते किस तरह की परेशानियां सामने आती हैं। बस ये बात महिला के दिमाग में घर कर गई। उसे पता चल गया कि उसकी प्रेग्नेंसी में आखिर किस तरह की दिक्कत आ रही है। 
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Lowri Jones Wales - फोटो : North Wales Live / David Powell
महिला ने गर्भ धारण करने से पहले इंटरनेट पर रिसर्च की और उसके बाद आयोडीन वाले नमक में खाना बनाना शुरू किया। साथ ही उसने थॉयराइड विशेषज्ञ से भी मुलाकात की। गर्भधारण करने के बाद उसे हर दो हफ्ते पर अलग से थॉयरॉक्सिन भी दी गई। ये सभी तरीके महिला के लिए बेहतर साबित हुए और उसने साल 2015 में एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। 
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cows
लॉरी ने बताया कि उसके लिए गर्भधारण करना उतना मुश्किल नहीं था, जितना कि बच्चे को 9 महीने तक बिना किसी परेशानी के गर्भ में रखना। हालांकि उसे गर्भवती गायों से प्रेरणा मिली और उस प्रोग्राम की वजह से ही वो मिसकैरेज के दर्द से उबर पाई। अब लॉरी चाहती हैं कि सरकार उनकी तरह मिसकैरेज की समस्या से जूझ रहीं उन महिलाओं की मदद करे, ताकि वो भी मां बनने का अपना सपना पूरा कर सकें। 
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